कांग्रेस के असंतुष्ट नेता गुलाम नबी के घर कर रहे बैठक, कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा और भूपेंद्र हुड्डा हैं मौजूद

Published : Mar 17, 2022, 08:38 PM ISTUpdated : Mar 17, 2022, 08:43 PM IST
कांग्रेस के असंतुष्ट नेता गुलाम नबी के घर कर रहे बैठक, कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा और भूपेंद्र हुड्डा हैं मौजूद

सार

कांग्रेस के G-23 (असंतुष्ट नेताओं का समूह) के नेता 24 घंटे में दूसरी बार बैठक कर रहे हैं। दिल्ली स्थित गुलाम नबी आजाद के घर पर बैठक हो रही है। असंतुष्ट नेताओं का यह ग्रुप चुनाव में हार के बाद पार्टी के संगठन में बदलाव की मांग कर रहा है।

नई दिल्ली। पांच राज्यों (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर) में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी की करारी हार के बाद कांग्रेस के G-23 (असंतुष्ट नेताओं का समूह) के नेता सक्रिय हैं। यह ग्रुप 24 घंटे में दूसरी बार बैठक कर रहा है। दिल्ली स्थित गुलाम नबी आजाद के घर पर गुरुवार शाम को बैठक हो रही है। इसमें कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, जनार्दन त्रिवेदी और आनंद शर्मा शामिल हैं। असंतुष्ट नेताओं का यह ग्रुप चुनाव में हार के बाद पार्टी के संगठन में बदलाव की मांग कर रहा है।

दरअसल, बुधवार शाम को भी कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं ने गुलाम नबी आजाद के घर बैठक की थी। इसमें कांग्रेस नेता शशि थरूर, मणिशंकर अय्यर, पीजे कुरियन, परनीत कौर, संदीप दीक्षित, राज बब्बर, कपिल सिब्बल, भूपिंदर सिंह हुड्डा, आनंद शर्मा, मनीष तिवारी समेत कई अन्य नेता शामिल हुए थे। बैठक के बाद कांग्रेस के जी 23 नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि भाजपा का विरोध करने के लिए कांग्रेस पार्टी को मजबूत करना जरूरी है। हम कांग्रेस पार्टी से 2024 के लिए एक विश्वसनीय विकल्प का मार्ग प्रशस्त करने के लिए एक मंच बनाने के लिए अन्य समान विचारधारा वाली ताकतों के साथ बातचीत शुरू करने की मांग करते हैं।

सोनिया गांधी ने की थी इस्तीफा देने की पेशकश
बता दें कि 13 मार्च को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की अहम मीटिंग हुई थी। एआईसीसी कार्यालय में हुई इस बैठक में 5 राज्यों में चुनावी हार और मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई थी। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने भाषण में कहा था कि अगर पार्टी को लगता है तो हम तीनों (खुद, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा) इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं, लेकिन सीडब्ल्यूसी ने सर्वसम्मति से इसे खारिज कर दिया था। सीडब्ल्यूसी ने सर्वसम्मति से सोनिया गांधी के नेतृत्व में अपने विश्वास की पुष्टि की और उनसे सामने से नेतृत्व करने का अनुरोध किया था।

पंजाब खोया, बाकी राज्यों में भी बुरा प्रदर्शन
गौरतलब है कि पांच राज्यों के चुनावों में कांग्रेस ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश में काफी निराशाजनक प्रदर्शन किया है, बल्कि उसके हाथ से पंजाब भी छिन गया है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में भी उसे करारी हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में पार्टी की स्थिति खराब होती दिख रही है। इन चुनावों में प्रियंका गांधी के अलावा राहुल गांधी कांग्रेस के स्टार प्रचारक रहे हैं। माना जा रहा था कि प्रियंका के फॉर्मूले यूपी में पार्टी को बढ़त दिलाएंगे, लेकिन वहां भगवा में रंगी जनता को भाई-बहन की जोड़ी रास नहीं आई। यूपी में कांग्रेस महज 2 सीटें जीत पाई।

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