
Digi Yatra App: डिजी यात्रा ऐप का इस्तेमाल बड़ी संख्या में लोग अपनी यात्रा को सुगम बनाने के लिए कर रहे हैं। हालांकि, इस ऐप को लेकर दावा किया गया है कि यह ऐप अपने यूजर्स का डेटा, इनकम टैक्स अथॉरिटीज के साथ शेयर कर रहे हैं ताकि टैक्स चोरी करने वालों की लिस्टिंग की जा सके। अचानक से इस ऐप को लेकर उठे सवाल के बीच केंद्र सरकार ने अपना बयान जारी किया है। केंद्र सरकार ने सोमवार को एक रिपोर्ट को खारिज करते हुए दावा किया कि डिजी यात्रा एप के यात्रियों का डेटा टैक्स चोरी करने वालों पर कार्रवाई के लिए इस्तेमाल करने की बात केवल अफवाह है। ऐसा कोई डेटा किसी के साथ शेयर नहीं किया जा रहा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी इस दावे को बिना आधार और गलत बताया है। मंत्रालय ने कहा कि डिजी यात्रा यात्रियों का डेटा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के साथ साझा नहीं किया जाता।
दरअसल, एक मीडिया हाउस की इन्वेस्टिगेटिंग रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, डिजी यात्रा ऐप के डेटा को टैक्स रिटर्न के साथ मिलान कर रहा है। इससे घोषित आय में गड़बड़ी करने वालों की पहचान की जा सकेगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आयकर विभाग 2025 से टैक्स चोरों को नोटिस भेजने की योजना बना रहा है। इस रिपोर्ट के सामने आने से डिजी यात्रा ऐप करने वालों में खलबली मची हुई है।
मीडिया रिपोर्ट को नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सिरे से खारिज किया है। मंत्रालय ने बताया कि डिजी यात्रा ऐप, एकसेल्फ-सॉवरेन आइडेंटिटी (SSI) मॉडल पर आधारित है। इसमें यात्रियों की व्यक्तिगत जानकारी और यात्रा से जुड़े विवरण केवल यूजर्स के डिवाइस पर ही स्टोर किए जाते हैं। इसका कहीं कोई सेंट्रल स्टोरेज नहीं। उड्डयन मंत्रालय ने दावा किया कि यदि कोई यूजर डिजी यात्रा ऐप को अनइंस्टॉल करता है तो सभी डेटा पूरी तरह से डिलीट हो जाता है। एयरपोर्ट सिस्टम फ्लाइट के प्रस्थान के 24 घंटे के भीतर यात्रियों के डेटा को स्वचालित रूप से हटा देते हैं। इसके अलावा डिजी यात्रा केवल घरेलू यात्रियों के लिए है और इसका अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से कोई संबंध नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स का इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी खंडन किया है। डिपार्टमेंट ने कहा कि वह टैक्स चोरी करने वालों को पकड़ने के लिए डिजी यात्रा के डेटा का इस्तेमाल नहीं कर रहा है।
डिजी यात्रा एक फेसियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी (FRT) पर आधारित सिस्टम है। यह एयरपोर्ट्स पर पैसेंजर्स का स्मूथ और कांटेक्टलेस आवाजाही सुनिश्चित करता है। इस सर्विस का उपयोग करने के लिए पैसेंजर्स को डिजी यात्रा ऐप पर आधार-आधारित सत्यापन और सेल्फ-इमेज कैप्चर के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करनी होती है। इसके बाद, बोर्डिंग पास को स्कैन किया जाता है। साथ ही सारा डिटेल एयरपोर्ट के साथ शेयर किया जाता है।
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