Middle East Airspace Crisis: मिडिल ईस्ट संकट के कारण 1,600+ फ्लाइट्स कैंसिल, 1,221 भारतीय उड़ानें प्रभावित। एयरस्पेस बंद, रूट डायवर्जन जारी। 4 मार्च को 58 फ्लाइट्स से राहत की उम्मीद। UAE से स्पेशल एवाक्युएशन मिशन शुरू, Air India ने सस्पेंशन बढ़ाया।
Middle East Crisis Flight Cance: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने हवाई यात्रा को बुरी तरह प्रभावित किया है। हालात ऐसे हैं कि 1,600 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं। इनमें 1,221 भारतीय एयरलाइंस की और 388 विदेशी एयरलाइंस की उड़ानें शामिल हैं। हजारों यात्री अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए हैं और अब सबकी नजर 4 मार्च पर टिकी है, जब 58 फ्लाइट्स चलाने की योजना बनाई गई है। क्या इससे हालात सुधरेंगे?
आखिर इतनी फ्लाइट्स क्यों रद्द हुईं?
मिडिल ईस्ट के कई हिस्सों में एयरस्पेस आंशिक रूप से बंद कर दिया गया है। कुछ जगहों पर सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित ज़ोन बना दिए गए हैं। ऐसे में एयरलाइंस को अपने रूट बदलने पड़े हैं। कई लंबी दूरी की इंटरनेशनल फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा, जबकि कुछ को पूरी तरह कैंसिल करना पड़ा। अधिकारियों के मुताबिक, अभी सीमित स्तर पर सेवाएं दोबारा शुरू की जा रही हैं, लेकिन इंटरनेशनल ट्रैवल कॉरिडोर अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है।
1,221 भारतीय उड़ानें रद्द-सरकार क्या कर रही है?
सिविल एविएशन मंत्रालय ने साफ किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। एयरलाइंस के साथ मिलकर फंसे हुए यात्रियों को निकालने के लिए खास इंतज़ाम किए जा रहे हैं। अभी भारतीय एयरलाइंस रोज करीब 24 फ्लाइट्स ऑपरेट कर रही हैं। इसके अलावा गल्फ से कुछ विदेशी एयरलाइंस भी सीमित उड़ानें चला रही हैं।
4 मार्च को 58 फ्लाइट्स: किन एयरलाइंस की वापसी?
सरकार के अनुसार 4 मार्च को 58 फ्लाइट्स ऑपरेट की जाएंगी। इसमें:
- IndiGo की 30 फ्लाइट्स
- Air India और Air India Express की 23 फ्लाइट्स
- इसके अलावा गल्फ से Emirates और Etihad Airways ने भी सीमित उड़ानें चलाई हैं।
UAE से स्पेशल एवाक्युएशन फ्लाइट्स-कौन ला रहा है यात्रियों को?
SpiceJet ने UAE से फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए 8 स्पेशल फ्लाइट्स की घोषणा की है। इनमें दिल्ली के लिए 4, मुंबई के लिए 3 और कोच्चि के लिए 1 उड़ानें शामिल हैं। सरकार एयरलाइंस के साथ मिलकर अतिरिक्त सीटें जोड़ रही है और जरूरत पड़ने पर अस्थायी रहने की व्यवस्था भी कर रही है। कोशिश यही है कि कोई भी यात्री असुरक्षित हालात में न फंसा रहे।
क्या अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल पर असर जारी रहेगा?
अमेरिका और कनाडा जैसे देशों ने अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट छोड़ने या यात्रा टालने की सलाह दी है। इससे इंटरनेशनल ट्रैवल सेक्टर में अनिश्चितता और बढ़ गई है। एयरलाइंस अब प्रतिबंधित एयरस्पेस से बचते हुए लंबा रूट ले रही हैं। इससे फ्लाइट टाइम बढ़ रहा है और ऑपरेशन कॉस्ट भी। फिर भी सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा जा रहा है।
एयर इंडिया ने सस्पेंशन क्यों बढ़ाया?
Air India ने UAE, सऊदी अरब, इज़राइल और कतर के लिए अपनी ज्यादातर फ्लाइट्स का सस्पेंशन 4 मार्च 2026 रात 11:59 बजे तक बढ़ा दिया है। एयरलाइन का कहना है कि वह हालात की लगातार समीक्षा कर रही है। फिलहाल सरकार ने कहा है कि किराए पर नजर रखी जा रही है ताकि कोई अनावश्यक बढ़ोतरी न हो। मिडिल ईस्ट संकट का असर सिर्फ जमीन पर नहीं, आसमान में भी साफ दिख रहा है। आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि हवाई यात्रा फिर से पटरी पर लौटेगी या संकट और गहराएगा।
क्या विदेशी सरकारों ने ट्रैवल एडवाइज़री जारी की है?
अमेरिका और कनाडा समेत कई देशों ने अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट छोड़ने की सलाह दी है। बढ़ते सुरक्षा जोखिम को देखते हुए कई देशों ने यात्रा न करने की चेतावनी भी जारी की है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। एयरलाइंस सुरक्षित कॉरिडोर से लंबी दूरी की उड़ानें धीरे-धीरे शुरू कर रही हैं। मिडिल ईस्ट संकट का असर सिर्फ जमीन पर नहीं, आसमान में भी साफ दिखाई दे रहा है।


