
नई दिल्ली. कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज को लेकर बड़ी कामयाबी मिली है। मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दो दवाओं को अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर ने मंजूरी दी है कि इन दवाओं को कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए आपातकाल में सीमित इस्तेमाल किया जा सकता है।
- अमेरिका के हेल्थ डिपार्टमेंट ने एक स्टेटमेंट जारी किया है, जिसके मुताबिक, क्लोरोक्वीन (Chloroquine) और हाइड्रोक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) से कोरोना वायरस से संक्रमित बच्चों और युवाओं का इलाज हो सकता है। लेकिन ऐसा तभी करना चाहिए, जब क्लीनिकल ट्रायल उपलब्ध या मुमकिन न हो।
सिर्फ आपात स्थिति में कर सकते हैं इस्तेमाल
अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर ने यह अनुमति दी है, लेकिन कहा है कि मरीजों के इलाज को आपात स्थिति में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का सीमित इस्तेमाल कर सकते हैं।
पहली बार इमरजेंसी यूज ऑथोराइजेशन मिला
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, COVID-19 से जुड़ी किसी भी दवा को पहली बार इमरजेंसी यूज ऑथोराइजेशन (EUA) दिया गया है। बता दें कि अभी तक कोरोना वायरस से लिए कोई दवा नहीं बनी है। क्लोरोक्वीन और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को मलेरिया के मरीज के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है।
देश में कोरोना की स्थिति
देश में कोरोना के अब तक 1511 संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। 47 की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक हैं। महाराष्ट्र में 302, केरल में 241 और कर्नाटक में 101 मामले सामने आए हैं।
क्या है हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्विन दवा?
दरअसल, हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्विन का इस्तेमाल मलेरिया के इलाज के लिए किया जाता है। भारत के लिए यह बहुत पुरानी और सस्ती दवा है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए डॉक्टर्स इस दवा का इस्तेमाल एंटी वायरल के रूप में कर रहे हैं। इसी वजह से पिछले महीने सरकार ने इस दवा के निर्यात पर रोक लगा दी थी। नासा के वैज्ञानिकों ने भी हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्विन दवा को कोरोना से लड़ने के लिए कारगर बताया था।
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