
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने फिजिकल रैलियों, रोड शो पर लगी रोक को 22 जनवरी तक बढ़ा दिया है। हालांकि, राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग ने छूट देते हुए इनडोर मीटिंग्स पर से रोक हटा दी है। तीन सौ लोगों के साथ राजनीतिक दल इनडोर मीटिंग कर सकते हैं। राजनीतिक दलों व कैडिडेट्स को इनडोर मीटिंग के लिए मिली छूट को लेकर कोविड प्रोटोकॉल के पालन पर विशेषज्ञ सवाल उठाने लगे हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने शनिवार को विधानसभा चुनाव वाले पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के मुख्य सचिवों व हेल्थ सेक्रेटरीज के अलावा भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की है। मीटिंग में निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील कुमार, निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार व अनूप चंद्र पांडेय मौजूद रहे। आयोग ने पांचों राज्यों से कोविड-19 महामारी की स्थितियों को जाना तथा वैक्सीनेशन आदि की समीक्षा की है।
इन गतिविधियों पर चुनाव आयोग ने रोक जारी रखा
कोविड 300 लोगों की भीड़ में कैसे नहीं फैलेगा?
चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को इनडोर मीटिंग के लिए जो छूट दी है, उसको लेकर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल, आयोग के 300 लोगों के साथ इनडोर मीटिंग को भी एक भारी जमावड़ा माना जा सकता है। इतने लोग जब एक जगह एकत्र होंगे तो कैसे कोविड प्रोटोकॉल सुनिश्चित हो सकेगा।
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