
नई दिल्ली. केंद्रीय बजट के एक दिन पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन ने सदन में आर्थिक सर्वे पेश किया। उन्होंने ऊपरी सदन राज्यसभा में ये सर्वे पेश किया। उन्होंने साल 2019 -20 में जीडीपी ग्रोथ 7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है जो कि पिछले साल के अनुमान के मुकाबले पाइंट दो प्रतिशत ज्यादा है। ये इकॉनोमिक सर्वे मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने तैयार किया है। जिसमें उन्होंने देश के सामने आने वाली आर्थिक चुनौतियों और उनके निराकरण को दर्शाया है।
इस रिपोर्ट में कहा गया है, साल 2025 तक 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए भारत को आठ फीसदी की वृद्धि दर बरकरार रखनी होगी। 2019 के दौरान वित्तीय घाटा 5.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं 2018 के दौरान ये 6.4 प्रतिशत था। इसके अलावा कहा गया है, कि आर्थिक सर्वेक्षण 2018-2019 और साल 2019-20 के दौरान तेल की कीमतों में गिरावट की संभावना है। कृषि के क्षेत्र में ग्रोथ थोड़ी धीमी रहेगी, वहीं खाद्य उत्पाद की कीमतें गिरने से उत्पादन में कमी रहेगी। विदेशी मुद्रा का पर्याप्त भंडार बना रहेगा। 14 जून तक 42,220 करोड़ रुपए तक विदेशी मुद्रा का भंडार रहा है।
इससे पहले भारत की 2018- 19 की आर्थिक सालाना रिपोर्ट उस समय में आई थी, जब कुछ आलोचकों ने मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उम्मीद के मुताबिक कम नौकरियां उपलब्ध कराने में नाकाम रहने पर सवाल उठाए थे।
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