
वेदर रिपोर्ट. मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR सहित उत्तरभारत में फिर से तेज सर्दी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके पीछे पश्चिमी विक्षोभ है। प्राइवेट वेदर एजेंसी स्काईमेट वेदर के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ(western disturbance) के 18 जनवरी की रात से पश्चिमी हिमालय तक पहुंचने की संभावना है। वहीं, एक और पश्चिमी विक्षोभ जो अधिक सक्रिय होगा, 20 जनवरी को पश्चिमी हिमालय पहुंचेगा। उत्तर-पश्चिम की ओर सक्रिय हो रहा पश्चिमि विक्षोभ 21 से 25 जनवरी तक उत्तर भारत में रहेगा। इसके असर से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
भारत मौसम विभाग(IMD) और स्काईमेट वेदर के अनुसार, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर की स्थिति की उम्मीद है। दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीत लहर चल सकती है। उत्तर पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों में हवा की दिशा में बदलाव और पश्चिमी विक्षोभ के करीब आने के कारण अब तापमान बढ़ना शुरू हो जाएगा।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम विक्षोभ के असर से हिमालयीन क्षेत्रों में 21 जनवरी से बर्फबारी और बारिश हो सकती है। यह मौसम 25 जनवरी तक बना रह सकता है। 23 और 24 जनवरी को इसका असर सबसे अधिक होगा। मौसम विभाग ने कहा है कि 23 से 24 जनवरी तक दिल्ली-NCR के अलावा पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी में बारिश के आसार हैं।
अगर बीते दिन की बात करें तो स्काईमेट वेदर के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश में छिटपुट वर्षा को छोड़कर क्या पूरे देश में मौसम शुष्क रहा। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीतलहर तथा भीषण शीतलहर जारी रही। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में शीत लहर की स्थिति रही। राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तापमान में वृद्धि का रुख देखा जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर अगले चार दिनों तक जारी रहने की संभावना है, जबकि पश्चिमी विक्षोभ के कारण मध्य और ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और हिमपात होने की संभावना है। मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन और मंडी में अलग-अलग जगहों पर सोमवार तक घना कोहरा छाए रहने का अनुमान जताया है। गुरुवार और शुक्रवार को हमीरपुर, ऊना, सिरमौर और बिलासपुर में भारी हिमपात की संभावना है, जबकि मैदानी, निचले और मध्य पहाड़ी इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर गरज और बिजली गिर सकती है।
बुधवार से शनिवार तक मध्य और ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और हिमपात की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के शुक्रवार से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और रविवार से आसपास के मैदानी इलाकों को प्रभावित करने की भविष्यवाणी की गई है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में लोग भीषण शीत लहर की चपेट में हैं, क्योंकि रात का तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री नीचे बना हुआ है। ऊंचाई वाले आदिवासी क्षेत्रों, ऊंची पहाड़ियों और पर्वतीय दर्रों में पारा जमाव बिंदु से 12 से 16 डिग्री नीचे था और मैदानी इलाकों और मध्य पहाड़ियों में अधिकांश स्थानों पर जमाव बिंदु के आसपास रहा।
लाहौल और स्पीति जिले के केलांग और कुसुमसेरी में न्यूनतम तापमान क्रमश: शून्य से 11.0 डिग्री और शून्य से नीचे 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि किन्नौर जिले के कल्पा में तापमान शून्य से 4.6 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। मनाली और रिकांगपिओ में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस नीचे और सुंदरनगर और भुंतर में शून्य से 1.9 डिग्री नीचे 0.1 डिग्री दर्ज किया गया। ऊना, शिमला, हमीरपुर और सोलन में रात का तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस, 0.6 डिग्री, 0.8 डिग्री और 1.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। राज्य में 1 जनवरी से 17 जनवरी तक सामान्य 40.2 मिमी के मुकाबले 16.5 मिमी की औसत वर्षा हुई, जो 40.2 प्रतिशत की कमी है। मौसम कार्यालय के अनुसार, सभी बारह जिलों में 25 से 79 प्रतिशत के बीच पानी की कमी है। पीटीआई बीपीएल
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