
नई दिल्ली. देश के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक गर्मी में कमी आएगी। मौसम विभाग(IMD) के अनुसार, हिमालय क्षेत्र के आसपास बने एक नए पश्चिम विक्षोभ(western disturbance) के कारण गर्मी के तेवर थोड़ा 'ठंडा' पड़ेंगे। बता दें कि देश के मध्य और उत्तर भारत सहित कई राज्यों में मार्च में ही अप्रैल-मई जैसी गर्मी पड़ने लगी है। कई राज्यों में दोपहर लू(heat wave) चलने लगी है। लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते फिलहाल टेम्परेचर में वृद्धि नहीं होंगी। बता दें कि मार्च में कई राज्यों जैसे-विदर्भ, पश्चिमी मध्य प्रदेश, आंतरिक ओडिशा, तमिनाडु और तेलंगाना में टेम्परेचर 41 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा चुका है।
यह क्लिक करके आप अपने शहर का टेम्पेचर देख सकते हैं
effect of western disturbance: मौसम में बदलाव की वजह
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। ताजा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तराखंड चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश हो सकती है। स्काईमेटवेदर(skymetweather) के अनुसार, एक डिप्रेशन म्यांमार के तटीय इलाकों पर बना हुआ है। यह उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ना जारी रखेगा और जल्द ही एक गहरे निम्न दबाव क्षेत्र में बदल सकता है। वहीं, उत्तरी छत्तीसगढ़ से तेलंगाना तक एक ट्रफ रेखा भी बनी हुई है। एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय के पास पहुंच चुका है।
अगले कुछ दिनों का मौसम
स्काईमेटवेदर(skymetweather) की वेबसाइट पर शेयर की गई जानकारी के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान, केरल, आंतरिक तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, सिक्किम असम और अरुणाचल प्रदेश में हल्की बारिश संभव है। वहीं, आंध्र प्रदेश में छिटपुट हल्की बारिश संभावित है। इसके अलावा गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और जम्मू कश्मीर के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
ऐसा रहा बीते का मौसम
अगर बीते दिन के मौसम की बात करें, तो पिछले 24 घंटों के दौरान, कर्नाटक, आंतरिक तमिलनाडु और केरल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई। वहीं, पश्चिम मध्य प्रदेश के एक या दो हिस्सों में लू की स्थिति महसूस की गई।
यह भी पढ़ें-राजस्थान का भिवाड़ी दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर, उत्तर प्रदेश का यह जिला 2nd नंबर पर
एलर्जी को लेकर सतर्क रहें
गर्मियों में एलर्जी की शिकायत आम बात है, लेकिन जलवायु परिवर्तन(Climate change) के चलते यह समस्या लंबे समय तक बनी रह सकती है। रिसर्च बेस्ड मैग्जीन 'नेचर कम्युनिकेशंस' में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक, मिशिगन विश्वविद्यालय की लीडरशिप में किए गए एक नए शोध के अनुसार, मानवीय गलतियों या भूलों के कारण हो रहे जलवायु परिवर्तन से बढ़ते तापमान ने एलर्जी की समस्या को और बढ़ा दिया है। ऐसे में जिन्हें एलर्जी की शिकायत रहती है, वे सावधानी बरतें।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.