
नई दिल्ली. बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। आयोग ने बताया कि चुनाव 3 चरणों में होगा। नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। पहले चरण का चुनाव 28 अक्टूबर, दूसरे चरण का चुनाव 3 नवंबर और तीसरे चरण का चुनाव 7 नवंबर को होगा। आयोग ने बताया कि बिहार में कुल 7 करोड़ 79 लाख मतदाता हैं। महिला वोटर 3 करोड़ 39 लाख हैं। वहीं 3 करोड़ 79 लाख पुरुष वोटर हैं। 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को खत्म हो रहा है।
बिहार विधानसभा चुनाव : एक नजर
चुनाव आयोग ने कहा कि अधिसूचना की तारीख 1 अक्टूबर, 9 अक्टूबर और 13 अक्टूबर है। नामांकन की तारीख 8 अक्टूबर, 16 अक्टूबर और 20 अक्टूबर है। स्क्रूटनी की तारीख 9 अक्टूबर, 17 अक्टूबर और 21 अक्टूबर है। नाम वापसी की तारीख 12 अक्टूबर, 19 अक्टूबर और 23 अक्टूबर है। मतदान की तारीख 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर है। नतीजे 10 नवंबर को आएंगे।
तीन चरणों में बिहार विधानसभा चुनाव
चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव 3 चरणों में होंगे। आयोग के इस ऐलान के साथ ही बिहार में आचार संहिता लागू हो गई। पहले चरण में 71 सीटों पर मतदान होगा। यहां 31 हजार पोलिंग बूथ होंगे। दूसरे चरण में 94 सीटों पर मतदान होगा, जहां 42 हजार पोलिंग बूथ होंगे। तीसरे चरण में 78 सीटों पर मतदान होगा, 33.5 हजार पोलिंग बूथ होंगे। आयोग ने कहा कि पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर को, दूसरे चरण का मतदान 3 नवंबर को और तीसरे चरण का मतदान 7 नवंबर को मतदान होगा। 10 नवंबर को मतों की गिनती होगी।
कोरोना : मतदान के दौरान खास तैयारी
1- चुनाव आयोग ने कहा कि हर पोलिंग बूथ पर साबुन, सैनिटाइजर सहित कोरोना से बचने की अन्य चीजों की व्यवस्था की जाएगी।
2- एक बूथ पर सिर्फ एक हजार मतदाता ही होंगे। 7 फरवरी 2020 को मतदाता सूची घोषित।
3- चुनाव आयोग ने बताया कि कोरोना से बचने के लिए 6 लाख पीपीई किट, 46 लाख मास्क और 7 लाख हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल होगा।
4- मतदान के दौरान कोरोना से बचने के लिए 6 लाख फेस शील्ड का इस्तेमाल किया जाएगा।
5 की जगह सिर्फ 2 गाड़ियों का ही इस्तेमाल
चुनाव आयोग ने कहा कि नामांकन के दौरान उम्मीदवार 5 की जगह सिर्फ 2 गाड़ियों का ही इस्तेमाल करें। आयोग ने कहा कि चुनाव के दौरान सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल पर नजर रखेगा। हेट स्पीच से सख्ती से निपटा जाएगा।
नामांकन के वक्त साथ में होंगे सिर्फ 2 लोग
आयोग ने बताया, 80 साल की उम्र तक के लोग पोस्टल बैलेट से वोट डाल पाएंगे। वहीं डूर टू डूर कैंपेन में सिर्फ 5 लोग ही जा सकेंगे। चुनाव आयोग ने बताया, इस बार नामांकन और हलफनामा ऑनलाइन भी भरा जाएगा। डिपोजिट को भी ऑनलाइन सबमिट किया जा सकेगा। नामांकन के वक्त उम्मीदवार के साथ सिर्फ 2 लोग मौजूद रहेंगे। चुनाव आयोग ने कहा, प्रचार के दौरान किसी से हाथ मिलाने की इजाजत नहीं होगी।
कोरोना के मरीज भी चुनाव में मतदान करेंगे
आयोग ने कहा कि चुनाव के दौरान कोरोना के मरीज भी मतदान कर सकेंगे। लेकिन वे आखिरी घंटे में मतदान करेंगे।
5 की बजाय शाम 6 बजे तक मतदान होगा
चुनाव आयोग ने कहा, कोरोना की वजह से मतदान का समय एक घंटे के लिए बढ़ा दिया गया है। सुबह 7 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक मतदान किया जा सकेगा।
बिहार में कुल 7 करोड़ 79 लाख मतदाता
आयोग ने बताया कि बिहार में कुल 7 करोड़ 79 लाख मतदाता हैं, जिसमें महिला मतदाता 3 करोड़ 39 लाख हैं। वहीं 3 करोड़ 79 लाख पुरुष मतदाता हैं। 1.89 लाख बैलेट यूनिट ईवीएम होंगे। आयोग ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान यह पहला बड़ा चुनाव होगा।
दुनिया के 70 देशों ने चुनाव टाल दिया: मुख्य चुनाव आयुक्त
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोरोना संकट की वजह से दुनिया के 70 देशों में चुनावों को टाल दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की चुनाव न कराने की याचिका
वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव टालने की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ कर दिया कि कोरोना के चलते राज्य के चुनाव को टाला नहीं जा सकता है। कोर्ट चुनाव आयोग को निर्देश नहीं दे सकता है। बता दें कि इससे पहले पिछले महीने भी कोर्ट ने ऐसी ही एक याचिका को खारिज कर दिया था।
बिहार विधानसभा चुनाव 2015
साल 2015 विधानसभा चुनाव में 243 सीटों पर 57.0% मतदान हुआ था, जिसमें भाजपा को 25%, फिर राजद (RJD) को 18.8% फिर तीसरे नंबर पर जदयू (JDU) को 17.3% वोट मिले थे। साल 2015 के चुनाव में राजद जदयू और कांग्रेस साथ मिलकर महागठबंधन बनाया, जिसे 178 सीटें मिलीं थी। लेकिन डेढ़ साल बाद नीतीश महागठबंधन से अलग होकर एनडीए में चले गए। इस चुनाव में एनडीए में भाजपा, लोजपा और हम (सेक्युलर) के साथ जदयू शामिल हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2010
2010 विधानसभा चुनाव में 243 सीटों पर 52.7% मतदान हुआ था, जिसमें जदयू (JDU) को 22.6%, राजद (RJD) को 18.8% और भाजपा को 16.5 % वोट मिले थे।
साल 2015 विधानसभा चुनाव में वोट शेयर का ग्राफ
विधानसभा चुनाव 2015 में किस पार्टी को कितनी सीट मिली (ग्राफ के जरिए)
सीएम उम्मीदवार कौन-कौन हो सकता है?
इसमें सबसे पहला नाम नीतीश कुमार का आता है। नीतीश साल 2010 में एनडीए की ओर से फिर 2015 के चुनाव में महागठबंधन की ओर से सीएम का चेहरा थे। इस बार एनडीए की तरफ से फिर से सीएम का चेहरा होंगे।
वहीं महागठबंधन की बात करें तो तेजस्वी यादव सीएम पद का चेहरा हो सकते हैं। महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी राजद का चेहरा तेजस्वी ही हैं। हालांकि इस बार राजद के पोस्टर से लालू प्रसाद यादव का चेहरा गायब है।
चुनावी मुद्दे : विकास, सुशांत से लेकर कृषि बिल और कोरोना व्यवस्था पर मतदान
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