
नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2024 के ऐलान के पहले ही चुनाव आयोग में बड़ा चौकाने वाला मामला सामने आया है। चुनाव आयुक्त अरुण गोयल ने अचानक से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गोयल के इस्तीफा को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार भी कर लिया है। 9 मार्च से चुनाव आयुक्त अरुण गोयल का इस्तीफा प्रभावी माना गया है। चुनाव आयुक्त अरुण गोयल के इस्तीफा के बाद भारत निर्वाचन आयोग में चुनाव आयुक्त के दोनों पद खाली हो गए हैं। एक चुनाव आयुक्त का पद पहले से ही खाली था। अब केवल मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ही बचे हैं।
ईसीआई के तीन प्रमुख पदों में दो खाली
भारत चुनाव आयोग यानी इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया में मुख्य चुनाव आयुक्त के अलावा दो चुनाव आयुक्त भी होते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार वर्तमान में अकेले ही बचे हुए हैं। चुनाव आयुक्त अरुण गोयल ने इस्तीफा दे दिया है जबकि एक दूसरे चुनाव आयुक्त अनूप पांडेय बीते फरवरी में रिटायर हो गए।
मुख्य चुनाव आयुक्त अगले साल होने के पहले रिटायर
चुनाव आयुक्त अरुण गोयल का रिजाइन काफी अचंभित करने वाला है। यह इसलिए क्योंकि गोयल की सर्विस 2027 तक थी। वह अगले साल रिटायर हो रहे मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की जगह मुख्य चुनाव आयुक्त बनते। अरुण गोयल, 1985 बैच के पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। नवम्बर 2022 में उनकी नियुक्ति चुनाव आयोग में हुई थी।
लोकसभा चुनाव सिर पर और चुनाव आयोग खाली
देश में आम चुनाव अप्रैल मई में होने वाले हैं। चुनाव आयोग सूत्रों का दावा था कि गुरुवार-शुक्रवार को चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा। ऐसे में चुनाव आयोग में दोनों चुनाव आयुक्तों की रिक्तियां चुनाव को प्रभावित कर सकती हैं। बीते दिनों ही चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संबंधित कानून में संशोधन केंद्र सरकार ने किया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पैनल में पीएम, विपक्ष का नेता, भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल किया गया था लेकिन केंद्र सरकार ने संसद में बिल पास कर इसमें संशोधन करते हुए सीजेआई को पैनल से बाहर करते हुए केंद्र सरकार के मंत्री को जगह दे दिया था।
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