
नई दिल्ली। साल 2022 की शुरुआत में देश के पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा के चुनाव (Assembly elections) होने हैं। कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार के चलते देश में कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में विधानसभा चुनावों को टालने की मांग की जा रही थी।
कोरोना काल में चुनाव कराने के मामले में चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने पिछले दिनों केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक किया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने चुनावी राज्यों का दौरा किया था और वहां कोरोना टीकाकरण और अन्य इंतजाम की स्थिति की समीक्षा की थी। सूत्रों के अनुसार संभावना है कि अगले सप्ताह इन पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी जाएगी।
चुनाव घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी और रैलियां और चुनावी सभाएं निर्वाचन आयोग के अधीन आ जाएंगी। आयोग एसडीएमए (राज्य आपदा प्रबंधन एक्ट) के तहत रैलियों को नियंत्रित करेगा। उत्तर प्रदेश में चुनाव सात चरणों में हो सकता है। मणिपुर में दो चरणों में तथा गोवा, पंजाब और उत्तराखंड में एक-एक चरण में चुनाव करवाए जा सकते हैं। मतदान की प्रक्रिया फरवरी से शुरू होकर मार्च माह में समाप्त हो सकती है। 2017 में ही पिछले चुनाव भी इतने ही चरणों मे संपन्न किए गए थे।
भाजपा ने शुरू की पाबंदियों के बीच चुनाव की तैयारी
दूसरी ओर भाजपा ने कोरोना काल की पाबंदियों के बीच चुनाव कैसे लड़ें इसकी तैयारी शुरू कर दी है। गुरुवार को गृह मंत्री अध्यक्षता में भाजपा मुख्यालय में बैठक हुई। बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि कोरोना को देखते हुए किस तरह चुनाव प्रचार में डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा सकता है। बैठक में अवध और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की चुनावी तैयारियों की समीक्षा के साथ आगामी योजनाओं पर भी मंथन किया गया। बैठक में चुनाव प्रचार के वैकल्पिक तरीकों पर भी चर्चा हुई।
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