इलेक्टोरल बॉन्ड की सुनवाई के दौरान सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को क्यों कहना पड़ा-मुझे पर क्यों चिल्ला रहें?

Published : Mar 18, 2024, 04:48 PM ISTUpdated : Mar 18, 2024, 05:16 PM IST
cji chandrachud

सार

सुप्रीम कोर्ट में इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर सोमवार को भी सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और एडवोकेट मैथ्यूज नेदुमपारा के बीच बहस का एक वीडियो वायरल हो रहा है

Electoral Bond hearing: सुप्रीम कोर्ट में इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर सोमवार को भी सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और एडवोकेट मैथ्यूज नेदुमपारा के बीच बहस का एक वीडियो वायरल हो रहा है। दरअसल, यह वीडियो उस सुनवाई का है जिसमें सुप्रीम कोर्ट में यह बताया गया था कि एसबीआई ने इलेक्टोरल बॉन्ड की आधी अधूरी जानकारी दी। वीडियो, भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और वकील मैथ्यूज नेदुम्पारा के बीच की है।

पांच जजों की संविधान पीठ की अध्यक्षता कर रहे सीजेआई चंद्रचूड़ ने वकील नेदुम्पारा को उस वक्त टोका जब वह इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहे। मैथ्यूज नेदुम्पारा ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि चुनावी बांड मामला बिल्कुल भी न्यायसंगत मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि यह एक नीतिगत मामला था और इसमें अदालतों का दखल नहीं था। इसीलिए लोगों को लगता है कि यह फैसला जनता के पीठ पीछे रखकर दिया गया है।

 

 

सीजेआई डीवाई च्रदूचड़ उनको ठहरने के लिए और बेंच को सुनने के लिए कई बार कहा लेकिन नेदुम्पारा लगातार अपनी बात तेजी से कहते रहे। एक बार फिर जब सीजेआई ने टोका तो नेदुम्पारा ने कहा कि मैं इस देश का नागरिक हूँ। इस पर सीजेआई ने कहा, "एक सेकंड, मुझ पर चिल्लाओ मत।" नेदुम्पारा तुरंत बचाव की मुद्रा में आ गए। कहा: नहीं, नहीं, मैं बहुत साफ्ट हूं।

 

 

मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा कि यह हाइड पार्क कोने की बैठक नहीं है, आप अदालत में हैं। आप एक आवेदन दायर करना चाहते हैं, एक आवेदन दायर करें। आपको मुख्य न्यायाधीश के रूप में मेरा निर्णय मिल गया है, हम आपकी बात नहीं सुन रहे हैं। यदि आप एक आवेदन दायर करना चाहते हैं, इसे ईमेल पर स्थानांतरित करें। इस अदालत में यही नियम है।

लेकिन फिर नेदुम्पारा बोलने लगे। इस पर जस्टिस बीआर गवई ने हस्तक्षेप किया। जस्टिस गवई ने कहा कि आप न्याय प्रशासन की प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं। वकील फिर भी पीछे नहीं हटे। जब वह बोलते रहे तो पीठ ने कहा कि बस, जब तक आप निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करेंगे तब तक हम आपकी बात नहीं सुनेंगे। नेदुम्पारा ने कहा कि वे एक आवेदन दाखिल करेंगे और वे दिल्ली पहुंचने के लिए रात की उड़ान में सवार हो गए। हमारे प्रति दयालु रहें। सीजेआई ने कहा कि क्या आपको भूख लगी है? जाईए और जाकर लंच कीजिए। सीजेआई ने सीनियर काउंसल से कहा और फिर बेंच लंच के लिए मुल्तवी कर दी गई।

कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी और आदिश अग्रवाल की भी नहीं सुनीं दलीलें

कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आदिश अग्रवाल की दलीलें सुनने से भी इनकार कर दिया। यह लोग भी सुनवाई के दौरान हस्तक्षेप करना चाहते थे।

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