
Land for Jobs case: सरकार से बाहर आते ही अगले दिन पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव से प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने पूछताछ की है। ईडी कथित लैंड्स फॉर जॉब्स स्कैम में पूछताछ कर रही थी। दस घंटे से अधिक समय तक चली पूछताछ से राजद समर्थक काफी गुस्से में दिखे। हजारों की संख्या में लालू प्रसाद यादव के समर्थकों ने पटना में ईडी ऑफिस को घेर रखा था। गुस्साई भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सीआरपीएफ को लगाया गया। समर्थक केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
राजद संरक्षक सोमवार को सुबह करीब 11.05 बजे जांच एजेंसी के कार्यालय में दाखिल हुए तो उनके साथ उनकी बेटी मीसा भारती भी थीं। मीसा भारती भी इस मामले में आरोपी हैं।
मनोज झा बोले-यह ईडी का समन नहीं बीजेपी का समन
लालू प्रसाद यादव से यह पूछताछ जदयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्य में महागठबंधन छोड़ने के एक दिन बाद आया। ईडी से पूछताछ के लिए पहुंचे लालू प्रसाद यादव की पार्टी ने पूछताछ को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राजद नेता मनोज झा ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई अगले आम चुनाव संपन्न होने तक जारी रहेगी। मनोज झा ने कहा कि यह ईडी का समन नहीं है बल्कि बीजेपी का समन है। यह 2024 तक चलेगा, तब तक कृपया इसे ईडी का समन न कहें, हमें क्यों डरना चाहिए? मीसा भारती ने भी केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पिता के खिलाफ ईडी की कार्रवाई दर्शाती है कि केंद्र सरकार उनसे 'डरती' है।
क्या है कथित जॉब्स के बदले भूमि स्कैम?
यह कथित घोटाला पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के यूपीए-1 सरकार में रेलमंत्री के कार्यकाल के दौरान का है। आरोप है कि 2004 से 2009 तक भारतीय रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों में समूह डी पदों पर कई लोगों को नियुक्त किया गया था जिसके लिए उन्होंने अपनी जमीन तत्कालीन रेल मंत्री लालू यादव के परिवार के सदस्यों और एके इंफोसिस्टम्स नामक एक संबद्ध कंपनी को रिश्वत के रूप में ट्रांसफर कर दी थी। ईडी का आरोप है कि एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड इस मामले में कथित तौर पर एक लाभार्थी कंपनी है। दक्षिणी दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में इसके पंजीकृत पते का इस्तेमाल लालू यादव के बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव द्वारा किया जा रहा था।
मनी लॉन्ड्रिंग के तहत की जा रही है जांच
ईडी ने सीबीआई द्वारा दर्ज लैंड फॉर जाब्स केस को आधार बनाकर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती, हेमा यादव सहित कई आरोपी हैं। लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को पिछले साल अक्टूबर में एक ट्रायल कोर्ट ने सीबीआई मामले में जमानत दे दी थी।
इस महीने की शुरुआत में ईडी ने मामले में अपना पहला आरोप पत्र दायर किया। लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनकी सांसद बेटी मीसा भारती सहित अन्य को आरोपी बनाया। एक और बेटी हेमा यादव का भी आरोप पत्र में नाम था। पिछले साल जांच एजेंसी ने इस जांच के तहत राबड़ी देवी, मीसा भारती और संबंधित कंपनियों की छह करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की थी।
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