
नई दिल्ली। एशियानेट न्यूज के रेजिडेंट एडिटर प्रशांत रेघुवामसोम ने प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा से खास बातचीत है। इस दौरान उन्होंने बताया कि वह क्यों राजनीति में आना चाहते हैं और अमेठी सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं।
मैंने आपको 2004 में अमेठी में राहुल गांधी के साथ चुनाव प्रचार करते देखा है। वह पहली बार चुनाव लड़ रहे थे। आप इन चुनावों में मिले अपने अनुभव को किस तरह देखते हैं? आप गांधी परिवार से हैं।
रॉबर्ट वाड्रा: मैं 1999 से चुनाव प्रचार कर रहा हूं। यह बहुत कठिन चुनाव था। क्योंकि भाजपा की ओर से संजय सिंह उम्मीदवार थे। वह अमेठी के राजा की तरह थे। उसके पास बहुत सी कारें और गाड़ियां थीं। हमारे कार्यकर्ताओं को परेशान किया जाता था। बूथ कैप्चरिंग जैसी घटनाएं हुईं। इसलिए कार्यकर्ताओं का अपने पर विश्वास बनाए रखने के लिए हमें बहुत काम करना पड़ा था। हमलोग रात में पोस्टर लगाते थे। हमलोग कार्यकर्ताओं से बात करते रहते थे ताकि उनका उत्साह बना रहे। इसके बाद 2004 का चुनाव भी बहुत अलग था। हमने राहुल, प्रियंका और अन्य लोगों के साथ बहुत कठिन काम किया। मैंने वहां कई महीनों तक काम किया। यहां से राहुल गांधी को बड़ी जीत मिली। गांधी परिवार का सदस्य होने के नाते मुझे लगता है कि बड़ी ताकत के साथ ही बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। इसलिए मैं हमेशा जिम्मेदारी से काम करता हूं ताकि मेरे परिवार का सम्मान बना रहे।
इस बार अमेठी और रायबरेली को लेकर कन्फ्यूजन है। इस कन्फ्यूजन की वजह क्या है?
रॉबर्ट वाड्रा: वजह आसान है। 1999 के बाद से अब तक मैंने काफी काम किया है। अमेठी के लोग महसूस कर रहे हैं कि स्मृति ईरानी को चुनकर उन्होंने गलती की। उन्हें लगता है कि अपनी भूल का सुधार करना चाहिए। वे गांधी परिवार से किसी को चाहते हैं। वे मुझे पिछले कई वर्षों से काम करते देख रहे हैं। मैं अमेठी के लोगों के लिए कई तरीकों से काम कर रहा हूं, उनकी मदद कर रहा हूं। लोग मेरे पास आते हैं। मैं उनके लिए जो कर सकता हूं, करता हूं।
क्या आप अमेठी से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं?
रॉबर्ट वाड्रा: लोग देख रहे हैं कि मुझे राजनीति में होना चाहिए। लोग देख रहे हैं कि बीजेपी और अन्य पार्टी 2011 से मेरे नाम का इस्तेमाल बेहद निगेटिव तरीके से कर रहे हैं। वे मेरे बारे में अफवाह फैलाते हैं। मेरे कारोबार, परिवार और सभी चीजों को लेकर अफवाह फैलाते हैं। उन्हें लगता है कि मैं सॉफ्ट टारगेट हूं। लोग कहते हैं कि अगर आप राजनीति में होते हैं तो अपनी राजनीतिक लड़ाई संसद में लड़ सकते हैं, अपने ऑफिस और सड़क से लड़ाई करने की जगह। लोग सोचते हैं कि मैं अधिक बड़े स्तर पर काम कर सकता हूं। इस परिवार से होने के चलते एक कारोबारी के रूप में कारोबार करना बहुत कठिन है। राजनेता होने से इसमें आसानी होगी। कई नेताओं ने मुझे इस स्थिति में डाल दिया है। अमेठी और रायबरेली के बहुत से लोगों, यहां तक कि देश के अन्य हिस्सों के लोगों ने मेरे लिए पोस्टर लगाए हैं। वे मुझे अपने इलाके के उम्मीदवार के रूप में चाहते हैं। उन्हें लगता है कि मेरे होने से विकास होगा। लोग धर्मनिरपेक्ष सरकार, बेरोजगारी पर ध्यान, महिलाओं की सुरक्षा और किसानों का हित चाहते हैं। मैं अपने परिवार की सहमति के बिना ऐसा कोई काम नहीं कर सकता। मैं जो कदम उठाना चाहता हूं उसके लिए उनका आशीर्वाद और समर्थन बहुत अहम है। कांग्रेस पार्टी का समर्थन भी चाहिए। अगर कांग्रेस और मेरी पत्नी के परिवार की सहमति होगी तभी मैं राजनीति में आऊंगा।
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आपने कहा कि आप अमेठी से चुनाव लड़ना चाहते हैं। क्या रायबरेली से प्रियंका को चुनाव लड़ना चाहिए?
रॉबर्ट वाड्रा: मैं चाहता हूं कि प्रियंका को संसद में होना चाहिए, लेकिन यह फैसला उसे और कांग्रेस पार्टी को करना है। वे लोग मिलकर उसके भविष्य को लेकर फैसला करेंगे। सोनिया गांधी वहां से चुनाव लड़ती थीं। राहुल गांधी के अमेठी से वायनाड जाने के बाद भी राहुल और प्रियंका अमेठी के लोगों को संपर्क में रहें, उनके लिए काम किया। जितनी हो सके मदद की। यह वजह है कि अमेठी के लोग चाहते हैं कि हम उनका प्रतिनिधित्व करें। अगर हम चुनाव लड़ेंगे तो भाजपा की तुलना में बड़े अंतर से जीत दर्ज करेंगे। जो कोई भी रायबरेली का प्रतिनिधित्व करे उसे सोनिया गांधी की तरह ही क्षेत्र पर फोकस करना चाहिए।
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