
नई दिल्ली. देश के वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का रविवार को 95 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। अपने जीवन में कई बड़े केस जीतने वाले जेठमलानी देश के सबसे बेहतरीन वकीलों में शुमार थे। जेठमलानी केंद्रीय कानून मंत्री भी रह चुके हैं।
राम जेठमलानी पिछले हफ्ते से बहुत बीमार थे जिससे वे बेहद कमजोर हो गए थे और अपने बेड से उठने में भी असमर्थ थे। राम जेठमलानी के बेटे महेश ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार आज शाम को लोधी रोड श्मशान में किया जाएगा।
जेठमलानी का करियर
- जेठमलानी का जन्म 14 सितंबर 1923 में पाकिस्तान के शिकारपुर में हुआ।
- उन्होंने 13 साल की उम्र में मैट्रिक और 17 साल की उम्र में एलएलबी की डिग्री हासिल की।
- उन्होंने कोर्ट में प्रैक्टिस से पहले बतौर प्रोफेसर भी काम किया।
- जेठमलानी ने राजनीतिक पारी की शुरुआत 1971 से की। उन्होंने भाजपा-शिवसेना के समर्थन से मुंबई से लोकसभा चुनाव लड़ा। वे जीत गए। 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वे केंद्रीय कानून मंत्री रहे। 1998 में शहरी विकास मंत्री भी रहे। हालांकि, बाद में भाजपा से उन्हें बाहर कर दिया गया।
- 2004 में जेठमलानी ने वाजपेयी के खिलाफ चुनाव लड़ा। वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में थे। वे हार गए।
- जेठमलानी बाद में फिर भाजपा में शामिल हुए। पार्टी ने 2010 में उन्हें राजस्थान से राज्यसभा भेजा। 2016 में पार्टी विरोधी बयान के चलते उन्हें बाहर कर दिया गया। 2016 में लालू यादव की पार्टी राजद ने उन्हें राज्यसभा भेजा।
जेठमलानी के हाईप्रोफाइल केस
राम जेठमलानी ने राजीव गांधी और इंदिरा गांधी की हत्या के आरोपियों से लेकर चारा घोटाला मामले में आरोपी लालू प्रसाद यादव तक का केस लड़ा था। इसके अलावा वह संसद पर अटैक मामले में अफजल गुरु और सोहराबुद्दीन एनकाउंटर में अमित शाह का केस भी लड़ चुके थे।
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