नई दिल्ली। कश्मीर मसले को लेकर फारूख अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। मोदी सरकार की आलोचना करते हुए नेशनल कांफ्रेंस लीडर पूर्व सीएम फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच वार्ता नहीं होने की वजह से हमारा हाल कहीं गाजा जैसा न हो जाए। उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेयी के बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि हम अपने दोस्त बदल सकते हैं लेकिन अपने पड़ोसी नहीं।
दरअसल, पत्रकारों से बात करते हुए श्रीनगर के सांसद फारूख अब्दुल्ला ने भारत-पाकिस्तान संबंधों पर पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बयान का उल्लेख किया था कि हम अपने दोस्त बदल सकते हैं लेकिन अपने पड़ोसी नहीं।
क्यों शुरू नहीं हो सकी है अभी तक वार्ता?
पूर्व सीएम फारूख अब्दुल्ला ने कहा: प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि युद्ध अब कोई विकल्प नहीं है और मामलों को बातचीत के जरिए हल किया जाना चाहिए। बातचीत कहां है? नवाज शरीफ प्रधानमंत्री (पाकिस्तान के) बनने वाले हैं और वे कह रहे हैं कि हम बातचीत के लिए तैयार हैं। लेकिन क्या कारण है कि हम बात करने के लिए तैयार नहीं हैं? उन्होंने कहा कि अगर हम बातचीत के माध्यम से समाधान नहीं ढूंढते हैं, तो हमारा भी गाजा और फिलिस्तीन जैसा ही हश्र होगा जिन पर इजराइल बमबारी कर रहा है।
इज़राइल पर हमास के 7 अक्टूबर के हमले और उसके बाद हुए क्रूर जवाबी हमले में 21,000 से अधिक लोगों की जान चली गई और गाजा के बड़े हिस्से को मलबे में तब्दील कर दिया गया।
बीजेपी ने की फारूख अब्दुल्ला के बयान की निंदा
भाजपा नेता डॉ. हिना शफी भट ने दिग्गज नेता फारूख अब्दुल्ला के बयान पर पलटवार किया है कि यह अफसोसजनक है कि जम्मू-कश्मीर के एक वरिष्ठ नेता अभी भी पाकिस्तान के साथ बातचीत की बात कर रहे हैं। फ़ारूक़ साहब को अब सीख लेनी चाहिए, यह शासन पाकिस्तान के सामने झुकने वाला नहीं है। हमने कोशिश की, उन्होंने बार-बार हमारी पीठ में छुरा घोंपा है।
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