
बेगूसराय। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी समेत आठ लोगों के खिलाफ बेगूसराय में केस दर्ज किया गया है। मामला चेक बाउंस का है। डीएस इंटरप्राइजेज नाम की कंपनी ने यह मामला बेगूसराय सीजेएम की अदालत में दायर कर आरोप लगाया है कि न्यू ग्लोबल प्रोड्यूस इंडिया लिमिटेड नाम की कंपनी द्वारा दिया गया 30 लाख का चेक बाउंस हो गया। अगली सुनवाई अब जून के आखिरी सप्ताह में होगी।
जिस कंपनी का चेक बाउंस उसके चेयरमैन धोनी
कंपनी ने कोर्ट को बताया कि जिस आरोपी कंपनी का चेक बाउंस हुआ है, उसके प्रोडक्ट का प्रचार धोनी ही करते हैं और उनको कंपनी का चेयरमैन कहा जाता है। मामले की सुनवाई के बाद, अदालत ने केस को न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय कुमार मिश्रा के पास भेज दिया। सुनवाई की अगली तारीख 28 जून तय की गई है।
क्या है आरोप?
बताया जा रहा है कि न्यू ग्लोबल प्रोड्यूस इंडिया लिमिटेड ने फर्टिलाइजर के लिए डीएस एंटरप्राइजेज के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। धोनी की कथित कंपनी ने डीएस एंटरप्राइजेस को 30 लाख की खाद उत्पाद की डिलीवरी की थी। लेकिन कथित तौर पर कंपनी ने विक्रेता के साथ सहयोग नहीं किया और बड़ी मात्रा में उर्वरक बिना बिके रह गया। हालांकि, कंपनी ने बाकी खाद वापस ले ली और इसके एवज में एजेंसी के नाम 30 लाख का चेक भी दिया। लेकिन जब चेक बैंक में जमा कराया गया तो वह बाउंस हो गया। चेक बाउंस होने के बाद कंपनी को कानूनी नोटिस दिया गया, लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही कंपनी ने कोई जवाब दिया।
जवाब नहीं मिलने दर्ज कराया केस
धोनी की कथित कंपनी ने जब जवाब नहीं दिया तो डीएस इंटरप्राइजेज के मालिक नीरज कुमार निराला ने केस दर्ज कराया। शिकायत में न्यू ग्लोबल प्रोड्यूस इंडिया लिमिटेड, नई दिल्ली के अध्यक्ष महेंद्र सिंह धोनी, सीईओ राजेश आर्य और अन्य के नाम भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 120 (बी) और एनआई अधिनियम की धारा 138 के तहत हैं।
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