
First Vande Metro service: देश में जल्द ही वंदे मेट्रो नेटवर्क को लांच किया जाएगा। वंदे मेट्रो नेटवर्क के संचालन के लिए ट्रॉयल इस साल जुलाई में प्रस्तावित है। हालांकि, वंदे मेट्रो का ट्रॉयल किस शहर में होगा यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। वंदे मेट्रो ट्रेनों के लांचिंग का उद्देश्य अंतर-शहरी परिवहन को सुगम करना है। वंदे मेट्रो एक रूट पर कम से कम 100 से 250 किलोमीटर का सफर तय करेगी।
वंदे मेट्रो ट्रेन इन रूट्स पर दौड़ाने का प्लान
रेलवे सूत्रों के अनुसार, वंदे मेट्रो ट्रेन को दिल्ली से रेवाड़ी तक दौड़ाने का प्लान फिलहाल बनाया जा रहा है। इस रूट के अलावा वंदे मेट्रो ट्रेन को लखनऊ-कानपुर, आगरा-मथुरा, भुवनेश्वर-बालेश्वर या बालासोर, तिरुपति से चेन्नई के बीच भी दौड़ाया जाएगा। रेल अधिकारियों का कहना है कि नए ट्रैक्स की बजाय पुराने ट्रैक पर ही फिलहाल ट्रेन को चलाने का प्लान है। वंदे भारत ट्रेन को बड़े शहरी सेंटर्स और सैटेलाइट टाउन्स के पैसेंजर्स के लिए प्लान किया जा रहा है।
एक ट्रेन में कितनी कोच?
वंदे मेट्रो ट्रेन में कम से कम 12 कोच लगाने का प्लान है। हालांकि, पैसेंजर्स की रूट पर डिमांड के अनुसार उसे 16 कोच तक बढ़ाया जा सकेगा। वंदे मेट्रो ट्रेन में मेट्रो जैसी सारी सुविधाएं होगी। हालांकि, पूरा डिटेल अभी तक रेलवे ने शेयर नहीं किया है। ट्रॉयल एक बार सफल होने के बाद पूरी डिटेल शेयर की जा सकेगी। वैसे रेल मंत्रालय के अधिकारियों की मानें तो वंदे मेट्रो ट्रेन में सामान्य मेट्रो ट्रेनों से अधिक सुविधा देने पर विचार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इसमें कई अत्याधुनिक तकनीक से लैस सुविधाएं होंगी ताकि यह सामान्य मेट्रो से अधिक लंबी दूरी तक यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सुविधाजनक हो सके। वंदे मेट्रो एक शहर से दूसरे शहर में नौकरीपेशा वाले लोगों, स्टूडेंट्स के लिए खास तौर पर लाभदायक हो सकता है। हालांकि, इसके ट्रॉयल के बाद ही कहा जा सकता है कि यह कितना फायदेमंद साबित होने जा रहा है।
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