
नई दिल्ली. दिल्ली हिंसा में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। कांग्रेस की पूर्व निगम पार्षद इशरत जहां को गिरफ्तार किया गया है। इशरत को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हुई हिंसा में मारे गए लोगों में 22 की मौत पत्थरबाजी की वजह से हुई है। दिल्ली पुलिस ने मारे गए लोगों में से 35 लोगों की पहचान कर ली है, जिसमें 22 की मौत पथराव या हमले की वजह से हुई, जबकि 13 लोगों की मौत गोली लगने से हुई।
दिल्ली के खुरेजी में 50 दिन से विरोध प्रदर्शन कर रही थी
कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां दिल्ली के खुरेजी में 50 दिन से सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही थीं। रविवार को खुरेजी रोड जाम था, इसके पीछे एक नाम इशरत जहां का भी आया। नागरिकता कानून के समर्थन में और विरोध में उतरे लोगों के बीच पत्थरबाजी हुई, जिसके बाद ही दिल्ली में हिंसा भड़की।
42 मौत, 123 FIR, हिरासत में 630 लोग
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फैली हिंसा के दौरान 42 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने 123 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसके अलावा 630 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
दो एसआईटी का गठन
दिल्ली हिंसा की जांच करने के लिए दो एसआईटी का गठन किया गया है। एक का नेतृत्व डिप्टी पुलिस कमिश्नर जॉय टिर्की करेंगे और दूसरी टीम का नेतृत्व डीसीपी राजेश देव करेंगे। पुलिस ने अब तक 48 FIR दर्ज किया है। दोनों टीमों की SIT में सहायक पुलिस आयुक्त रैंक के चार अधिकारी भी होंगे और जांच की निगरानी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त बीके सिंह करेंगे।
पुलिस को किए गए साढ़े तीन हजार फोन कॉल्स
हिंसा के दौरान लोगों ने दिल्ली पुलिस को करीब साढ़े तीन हजार फोन किए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने कॉल्स का जवाब नहीं दिया।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने हिंसाग्रस्त इलाके का दौरा किया
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने दो सदस्यों के साथ जाफराबाद क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने कुछ महिलाओं से भी बात की। साथ ही कहा कि इलाके में अभी थोड़ा तनाव है, लेकिन माहौल शांत है।
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