
नई दिल्ली. पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज का मंगलवार देर रात निधन हो गया। वे 67 साल की थीं। उनका जन्म 14 फरवरी 1952 को अंबाला में हुआ था। उन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था। निधन से कुछ वक्त पहले उन्होंने धारा 370 को लेकर ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी थी। सुषमा के पार्थिव शरीर को कल दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक भाजपा दफ्तर में रखा जाएगा। इसके बाद 3 बजे उनका अंतिम संस्कार होगा।
राजनीति के एक गौरवपूर्ण अध्याय का अंत हो गया- मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुषमा स्वराज के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा- भारतीय राजनीति के एक गौरवपूर्ण अध्याय का अंत हो गया। गरीबों और समाज के लिए जीवन देने वाली अद्वितीय नेता के निधन पर पूरा भारत दुखी है। सुषमा स्वराज जी अपनी तरह की अकेली इंसान थीं। वे करोड़ों लोगों की प्रेरणा का स्रोत थीं।
बीमारी के चलते लोकसभा चुनाव नहीं लड़ी थीं सुषमा
सुषमा स्वराज मोदी-1 सरकार में विदेश मंत्री रहीं। वे मध्यप्रदेश की विदिशा सीट से सांसद थीं। लेकिन इस बार उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था।
दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं सुषमा
सुषमा ने सबसे पहला चुनाव 1977 में लड़ा। तब वे 25 साल की थीं। वे हरियाणा की अंबाला सीट से चुनाव जीतकर देश की सबसे युवा विधायक बनीं। वे हरियाणा सरकार में मंत्री भी बनीं। इस तरह वे किसी राज्य की सबसे युवा मंत्री रहीं। अटलजी की सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया। 1998 में उन्होंने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया और दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। हालांकि, इसके बाद हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा हार गई। पार्टी की हार के बाद सुषमा ने विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी और राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हो गईं।
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