
Free Food grains Scheme: गरीबों को मिलने वाले मुफ्त अनाज वितरण को तीन महीना और बढ़ाया जा सकता है। खाद्य मंत्रालय ने मुफ्त खाद्यान्न कार्यक्रम को तीन महीने बढ़ाने के लिए सरकार से अप्रूवल मांगी है। कोविड काल के दौरान से देशभर में गरीबों को मुफ्त अनाज हर महीने दिया जाता है। इस कार्यक्रम के संचालन में सालाना 18 बिलियन डॉलर से अधिक खर्च आता है। मुफ्त अनाज योजना के तहत 80 करोड़ लोगों को फ्री अनाज दिया जाता है।
मंत्रालय ने मांगी है अनुमति
केंद्र सरकार को खाद्य मंत्रालय ने तीन महीने और मुफ्त अनाज योजना के विस्तार के लिए पत्र लिखा है। माना जा रहा है कि हिमाचल प्रदेश और गुजरात चुनावों के मद्देनजर केंद्र दिसंबर तक इस योजना के विस्तार के लिए अप्रूवल दे सकता है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार दिसंबर तक लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ्त चावल या गेहूं देना जारी रख सकती है क्योंकि खाद्य मंत्रालय ने विस्तार की मांग की है।
हालांकि, वित्त मंत्रालय विस्तार के पक्ष में नहीं...
सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय, गरीबों के फ्री खाद्यान्न योजना के विस्तार के पक्ष में नहीं है। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने फ्री खाद्यान्न को लेकर राजकोषीय दबाव और वैश्विक स्तर पर अनाज की कमी को वजह बताया है
कोरोना महामारी के दौरान शुरू हुई थी योजना
मुफ्त खाद्यान्न योजना की शुरूआत कोरोना महामारी के लॉकडाउन के दौरान किया गया था। अप्रैल 2020 में इस योजना का शुभारंभ किया गया था। देश के करीब 80 करोड़ लोगों को योजना का लाभ मिल रहा है। इस योजना के तहत हर महीने प्रत्येक पात्र गरीब को 5 किलोग्राम खाद्यान्न दिया जाता है। सालाना इस योजना पर केंद्र सरकार 18 बिलियन डॉलर खर्च करती है। इस साल के सितंबर महीने तक इस योजना को विस्तार दिया गया था। लेकिन त्योहारों के सीजन को देखते हुए दिसंबर तक इसका विस्तार करने की योजना पर मंथन हो रहा है।
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