
India-US Big Deal: पीएम मोदी (PM Narendra Modi) के तीन दिनी अमेरिकी दौरे में दोनों देशों के बीच कई बड़े समझौते हुए। इनमें भारत में जेट इंजन और स्पेस सेक्टर में हुए समझौते के अलावा ड्रोन, सेमीकंडक्टर प्लांट, रेलवे, टेक्नीक से जुड़े करार भी शामिल हैं। इसके साथ ही मोदी ने कई बड़ी अमेरिकी कंपनियों के CEO के साथ मिलकर उन्हें भारत में इन्वेस्टमेंट का न्योता दिया है। आइए जानते हैं इस दौरे में भारत-अमेरिका के बीच हुईं 8 सबसे बड़ी डील के बारे में।
1- फाइटर जेट्स इंजन प्लांट
अमेरिका की यात्रा के दौरान पीएम मोदी द्वारा किए गए सबसे बड़े समझौतों में फाइटर जेट्स इंजन प्लांट प्रमुख है। अमेरिका की GE एयरोस्पेस कंपनी के फाइटर जेट इंजन की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट भारत में लगाई जाएगी। इस काम में भारत की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) कंपनी जीई एयरोस्पेस की मदद करेगी। इस प्लांट में भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के हल्के लड़ाकू विमान तेजस के Mk2 वैरिएंट के लिए इंजन बनाए जाएंगे।
2- प्रीडेटर ड्रोन (एमक्यू-9 रीपर)
मोदी और बाइडेन ने जनरल एटॉमिक्स एमक्यू-9 रीपर सशस्त्र ड्रोन की खरीद को लेकर भी एक बड़ी डील फाइनल की। एमक्यू-9 रीपर ड्रोन भारत की नेशनल सिक्युरिटी के लिए बेहद अहम है। ये ड्रोन हिंद महासागर के अलावा चीनी सीमा के साथ दूसरे अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर की निगरानी में लगाया जाएगा। 29 हजार करोड़ रुपए के इस सौदे में भारत को 30 लड़ाकू ड्रोन दिए जाएंगे।
3. गुजरात में सेमीकंडक्टर प्लांट
अमेरिका की सेमीकंडक्टर कंपनी माइक्रॉन (Micron) गुजरात में अपना प्लांट स्थापित करेगी। इसमें कुल 2.7 अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते के तहत अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी को 1.34 अरब डॉलर के प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) का भी फायदा मिलेगा।
4. रेलवे के लिए भी हुआ अहम समझौता
इसके अलावाव भारतीय रेलवे ने यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) के साथ एक समझौता किया है। इसके अलावा क्लीन एनर्जी और ऊर्जा दक्षता सॉल्यूशन पर USAID भारत के साथ सहयोग करेगी। वहीं मिशन नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए भारतीय रेलवे के कार्बन फुटप्रिंट्स को कम करने की भी कोशिश की गई है।
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5. अर्टेमिस एकॉर्ड्स समझौता
मोदी के अमेरिका दौरे में 'अर्टेमिस एकॉर्ड्स' समझौते को भी मंजूरी दी गई। इस समझौते के तहत एक जैसी विचारधारा वाले देशों के नागरिकों को अंतरिक्ष खोज के मुद्दे पर साथ लाने का काम किया जाएगा। मतलब नासा और इसरो 2024 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक ज्वॉइंट मिशन पर काम करेंगे। इस समझौते का मकसद भारत-अमेरिका के बीच अंतरिक्ष सहयोग को बढ़ावा देना है।
6. iCET की शुरुआत
इस यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के बीच जटिल तकनीकों को सुरक्षित रखने और आपस में बांटने को लेकर भी एक करार हुआ है। इसमें इनिशिएटिव ऑन क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (iCET) की शुरुआत भी हुई। वैसे, इसकी शुरुआत जनवरी, 2023 में ही हो गई थी, लेकिन औपचारक ऐलान पीएम मोदी के अमेरिका दौरे में ही किया गया।
7. इंडस-एक्स की शुरुआत
भारत-अमेरिका मिलकर यूएस-इंडिया डिफेंस एक्सेलेरेशन इकोसिस्टम (INDUS-X) शुरू करने पर भी राजी हो गए हैं। इस नेटवर्क के जरिए दोनों देशों की यूनिवर्सिटी, स्टार्टअप्स, उद्योग और थिंक टैंक्स शामिल होंगे। इस करार के बाद दोनों देशों के बीच डिफेंस टेक्नोलॉजी से जुड़े नए इनोवेशन होंगे।
8. भारत में 2 नए अमेरिकी दूतावास
इसके अलावा अमेरिका ने भारत के दो शहरों बेंगलुरु और अहमदाबाद में दो नए वाणिज्यिक दूतावास खोलने का भी ऐलान किया। साथ ही दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूतर करने और बढ़ावा देने के लिए अमेरिका के सिएटल शहर में एक मिशन शुरू किया जाएगा।
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