
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा को पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोप में शुक्रवार को लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया। यह कार्रवाई एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर हुई, जिसमें उन आरोपों में दम पाया गया कि मोइत्रा ने संसद लॉगिन उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी के साथ शेयर की।
हीरानंदानी ने इसका इस्तेमाल कर गौतम अडानी और अडानी समूह के खिलाफ सवाल किए। इसके बदले मोइत्रा को कैश और गिफ्ट मिले। एशियानेट न्यूज नेटवर्क विपक्ष के हंगामे को देखने के लिए संसद में था। पढ़ें, मोइत्रा को निष्कासित करते वक्त सदन में क्या हुआ।
महुआ मोइत्रा के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद थी। संसद में महुआ मोइत्रा या किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा की संभावना को देखते हुए दीर्घाएं जल्दी भर गईं। सबसे पहले पहुंचने वालों में सोनिया गांधी थीं। उन्होंने विपक्ष में बैठे कुछ लोगों का स्वागत किया।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी कुछ मिनट बाद सोनिया गांधी के पास आए। उन्होंने सोनिया गांधी से कुछ देर चर्चा की। फारूक अब्दुल्ला पहले से ही विपक्ष के बेंच पर बैठे थे। थोड़ी देर बाद ट्रेजरी बेंच, केंद्रीय मंत्रियों किरेन रिजिजू, गजेंद्र शेखावत और राजनाथ सिंह से भरने लगी।
कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के गौरव गोगोई के नेतृत्व में विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसमें जल्द ही अन्य लोग भी शामिल हो गए। राकांपा की सुप्रिया सुले लोगों को आगे आने के लिए कहती देखी गईं। जल्द ही सभी विपक्षी सांसद खड़े हो गए और नारेबाजी तेज हो गई।
यह भी पढ़ें- लोकसभा से निकाले जाने पर गुस्से में आगबबूला हुईं महुआ मोइत्रा, बोलीं- विपक्ष को गिराने का हथियार है आचार समिति
थोड़ी देर बाद उमर अब्दुल्ला भी समर्थन देने के लिए खड़े हो गए, लेकिन सोनिया गांधी अपनी सीट पर बैठी रहीं। वह नारे लगाने वालों को प्रशंसा भरी नजर से देख रहीं थी। इस सब के बीच, महुआ मोइत्रा जिनके लिए नारेबाजी हो रही थी भी उठ गईं। वह कभी-कभी अपने सहयोगियों के साथ बातें कर रहीं थी। कभी वह अकेले खड़ी चिंतित दिखीं।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.