
नई दिल्ली। भारत के एग्रीटेक स्टार्टअप Fyllo ने हाल ही में DeepMet 1 लॉन्च किया है – एक ऐसा AI-पावर्ड हाइपरलोकल वेदर मॉडल, जो टाइम-क्रिटिकल सर्विसेज़ के लिए छह घंटे पहले बारिश का अलर्ट देने में सक्षम है। क्या किसान, शहर और इंडस्ट्री अब अचानक मौसम की मार से सुरक्षित रह पाएंगे? यह सवाल हर उस व्यक्ति के दिमाग में घूम रहा है जो मौसम पर निर्भर करता है।
DeepMet 1 10 × 10 किलोमीटर के हाइपरलोकल रिज़ॉल्यूशन पर काम करता है और इसे खास तौर पर भारतीय उपमहाद्वीप के लिए डेवलप किया गया है। ट्रेडिशनल न्यूमेरिकल वेदर प्रेडिक्शन सिस्टम और भारत के अलग-अलग क्लाइमेट ज़ोन की असल दुनिया की ज़रूरतों के बीच के गैप को कम करने के लिए इस मॉडल को डिजाइन किया गया है। यह किसानों को फसल की पैदावार, शहरों में लॉजिस्टिक, ऊर्जा और डिलीवरी सर्विसेस में अचानक बदलाव से बचाने में मदद करता है।
पिछले छह घंटों के सैटेलाइट डेटा का विश्लेषण कर DeepMet 1 बारिश का अनुमान देता है, जो आस-पास के गांवों, सड़कों और खेतों के बीच भी अंतर दिखा सकता है। इसे रियल-टाइम में डिप्लॉय किया जा सकता है और API के माध्यम से आसानी से इंटीग्रेट किया जा सकता है। इसका मतलब यह है कि किसान, शहर योजनाकार, लॉजिस्टिक्स कंपनियां और ऊर्जा मैनेजमेंट कंपनियां अपने निर्णयों को पहले से सटीक रूप से ले सकती हैं।
किसानों के लिए यह मॉडल एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। फसल की हेल्थ, सिंचाई, न्यूट्रिएंट मैनेजमेंट और बीमारियों की प्रेडिक्शन के लिए DeepMet 1 रियल-टाइम इनसाइट्स देता है। अब किसानों को अचानक बारिश या मौसम की अनहोनी घटनाओं से नुकसान होने का डर कम हो जाएगा।
शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और ऑनलाइन डिलीवरी सर्विसेज़ में ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए DeepMet 1 बेहद उपयोगी है। बारिश की सटीक जानकारी के आधार पर डिलीवरी समय, लागत और संसाधनों का प्रबंधन बेहतर हो सकता है।
फाइलो ने 2019 में सुधांशु राय और सुमित श्योराण के नेतृत्व में शुरुआत की थी। यह कंपनी मशीन लर्निंग (ML) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) का इस्तेमाल करके किसानों को डेटा-ड्रिवन, रियल-टाइम जानकारी देती है। फाइलो ने इंडिया कोशेंट और SIDBI वेंचर कैपिटल से $6.52 मिलियन का निवेश भी हासिल किया है।
यह मॉडल किसानों और शहरों के लिए मौसम की अनिश्चितताओं को समझने और समय पर फैसले लेने का मौका देता है। क्या यह AI तकनीक भारत में मौसम की भविष्यवाणी की दुनिया में क्रांति लाएगी? यह सवाल अभी भी सभी के दिमाग में घूम रहा है।
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