Tejas Light Combat Aircraft: लड़ाकू विमानों के इंजन बनाने वाली कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) ने बुधवार को HAL (Hindustan Aeronautics Limited) को पहला Aerospace F404-IN20 इंजन देने की घोषणा की।
GE एयरोस्पेस के कॉम्बैट और ट्रेनर इंजन के जनरल मैनेजर शॉन वॉरेन ने कहा, "25 मार्च को हमने HAL को तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट एमके 1 ए (LCA Mk 1A) फाइटर जेट के लिए 99 F404-IN20 इंजनों में से पहला इंजन दिया है।"
LCA Mk 1A के लिए इंजन मिलना इंडियन एयर फोर्स (Indian Air Force) के लिए बेहद अहम है। इंजन की कमी के चलते वायुसेना को LCA Mk 1A विमान मिलने में देर हो रही है। वायुसेना पहले से लड़ाकू विमानों की कमी से जूझ रही है। LCA Mk 1A मिलने में हो रही देर ने परेशानी बढ़ा दी है। GE द्वारा इंजन देने की शुरुआत किए जाने से उम्मीद है कि वायु सेना को LCA Mk 1A की सप्लाई तेज होगी।
भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमानों के स्क्वाड्रन की संख्या 42 होनी चाहिए। इस समय यह 30 के करीब है। फाइटर जेट की कमी का मुद्दा वर्तमान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कई बार उठाया है।
तेजस भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान है। यह कम वजन और छोटे आकार का फाइटर जेट है। इसे मूल रूप से मिग 21 की जगह लेने के लिए बनाया गया था। Tejas Mk1A तेजस का एडवांस वर्जन है। यह एक इंजन और एक सीट वाला विमान है। 4.5 जनरेशन का यह डेल्टा विंग मल्टीरोल फाइटर जेट एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी द्वारा डिजाइन किया गया है।
2021 में 46,000 करोड़ रुपए की लागत से 83 LCA Tejas Mk 1A का ऑर्डर दिया गया था। डिलीवरी उसी साल मार्च में शुरू होनी थी। इसके अलावा DAC ने नवंबर 2023 में 67,000 करोड़ रुपए की लागत से 97 LCA Tejas Mk 1A खरीदने की मंजूरी दी थी। शुरुआत में एलसीए तेजस एमके 1 की 40 यूनिट का ऑर्डर दिया गया था।