
Democratic Azad Party: जम्मू-कश्मीर में चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही राजनीतिक दलों की गतिविधियां भी तेज होती दिख रही है। कांग्रेस छोड़कर अलग पार्टी बनाने वाले गुलाम नबी आजाद की नई पार्टी डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी भी केंद्र शासित प्रदेश में अपने संगठन का विस्तार करना शुरू कर दी है। रविवार को संगठन के कई नामों का ऐलान किया गया है। आजाद ने जम्मू महिला शाखा की अध्यक्ष सहित कई जिलाध्यक्षों का ऐलान किया है।
जम्मू महिला शाखा की अध्यक्ष का ऐलान
डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी(डीएपी) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने रविवार को पार्टी की जम्मू महिला शाखा का प्रमुख प्रभा सलाथिया को बनाया है। उन्होंने बताया कि महिला मोर्चा के अन्य पदाधिकारियों का ऐलान बाद में नई अध्यक्ष द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बशीर आरिफ को अध्यक्ष के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है, जबकि पांच प्रमुख नेताओं को आठ महासचिवों और नौ सचिवों के साथ जम्मू प्रांत पार्टी के सदस्यों के रूप में नामित किया गया है। आजाद ने दक्षिण और मध्य कश्मीर, मध्य जम्मू, चिनाब घाटी और पीर पंजाल क्षेत्रों के लिए पांच जोनल अध्यक्षों के नामों की भी घोषणा की है। जबकि कश्मीर में पुलवामा, शोपियां, कुपवाड़ा और बारामूला, जम्मू शहरी, उधमपुर, राजौरी, कठुआ, डोडा, किश्तवाड़ और रियासी को कवर करने वाले 13 जिला अध्यक्षों के नामों का भी ऐलान किया गया है।
जुगल किशोर शर्मा जम्मू के अध्यक्ष
पार्टी ने जुगल किशोर शर्मा को जम्मू प्रांत का अध्यक्ष बनाया है तो मोहम्मद अमीन भट को कश्मीर प्रांत का अध्यक्ष बनाया है। डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी के महासचिव आरएस चिब होंगे तो मुख्य प्रवक्ता सलमान निजामी को बनाया गया है। छह प्रवक्ताओं इमरान जफर, सुजादा बशीर, निर्मनदीप सिंह, संजय मन्हास, फिरदौस नबी, शारिक शरूरी को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा आधा-आधा दर्जन मीडिया कोआर्डिनेटर्स व सोशल मीडिया कोआर्डिनेटर्स को भी नियुक्त किया गया है।
अगस्त महीने में पूर्व सीएम ने छोड़ी थी कांग्रेस
अगस्त 2022 में पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस को छोड़ दिया था। कांग्रेस से इस्तीफा के बाद उन्होंने जम्मू-कश्मीर में एक रैली कर नई पार्टी बनाने का ऐलान किया था। जनता के सुझाए नामों के आधार पर उन्होंने अपनी पार्टी का नाम डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी रखा था।'भारत माता की जय' के नारों के बीच उन्होंने पार्टी के झंडे का अनावरण किया, जिसमें गहरे नीले, सफेद और मस्टर्ड तीन रंग हैं। सितंबर महीने में अपने झंडे का अनावरण करने के साथ इसके रंगों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि मस्टर्ड के रंग का मतलब क्रिएटिविटी है। क्रिएटिविटी का मतलब एक नई चीज बनाने की क्षमता है। इसका दूसरा अर्थ विविधता है। हमारा पूरा भारत विविधता से भरा है चाहे वह धर्म हो, जाति हो, भाषा हो या व्यंजन हो। सफेद जो बीच में शांति और अमन का प्रतीक है। हम गांधी जी का अनुसरण करते हैं। इसलिए शांति और अमन हमारी प्राथमिकता रहेगी। गहरा नीला बहुत सी चीजों का प्रतीक है- समुद्र की गहराई से लेकर आकाश की सीमा तक।
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