
पणजी, गोवा। गोवा अपनी नाइटलाइफ, बीचों और पार्टी कल्चर के लिए दुनिया भर में मशहूर है। लेकिन शनिवार की देर रात अरपोरा की एक चमकती, म्यूज़िक से भरी रात अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गई। नॉर्थ गोवा के बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में 25 लोगों की जान ले ली। यह हादसा इतना तेज और डरावना था कि भागने का मौका तक कई लोगों को नहीं मिल पाया। फायर ब्रिगेड और पुलिस का कहना है कि यह आग रात करीब 1 बजे के बाद लगी और तेजी से पूरे क्लब में फैल गई। यह क्लब पिछले साल ही खुला था और टूरिस्ट सीजन में यहां हर रोज भारी भीड़ रहती है।
घटना के शुरुआती इनपुट बताते हैं कि आग की शुरुआत किचन एरिया से हुई। यहां गैस सिलेंडर फटने की बात सामने आई है। लेकिन अधिकारियों का कहना है कि वे अभी यह जांच रहे हैं कि आग सिलेंडर फटने से ही लगी या कहीं कोई और तकनीकी खराबी, वायरिंग फॉल्ट या मैनेजमेंट की लापरवाही इसकी वजह हो सकती है। कुछ चश्मदीदों ने बताया कि आग बहुत तेज़ी से फैली और कुछ ही मिनटों में क्लब धुएं और आग से भर गया। कई लोग यह भी पूछ रहे हैं कि अगर क्लब में सेफ्टी सिस्टम मौजूद थे, तो इतना बड़ा हादसा कैसे हो गया?
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि नाइटक्लब ने फायर सेफ्टी के नियमों का पालन नहीं किया था। उन्होंने साफ कहा: “हम क्लब मैनेजमेंट के साथ-साथ उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करेंगे जिन्होंने नियमों का पालन न होने के बावजूद क्लब को चलने दिया।” CM के बयान से यह संकेत मिलता है कि यह हादसा सिर्फ आग की वजह से नहीं, बल्कि बड़े स्तर की लापरवाही का नतीजा भी हो सकता है। सीएम डा. प्रमोद सांवत ने इस घटना के मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
पुलिस ने शुरुआत में 23 मौतों की पुष्टि की थी, लेकिन बाद में दो और शव मिले।
मरने वालों में शामिल हैं:
जी हां। क्योंकि यह टूरिस्ट सीजन है, क्लब में बड़ी भीड़ थी। क्या क्लब ने भीड़ की लिमिट से ज्यादा लोगों को अंदर जाने दिया था? क्या इमरजेंसी एग्जिट रास्ते खुले थे? क्या फायर अलार्म और स्प्रिंकलर काम कर रहे थे? इन सवालों के जवाब जांच में सामने आएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दुख जताया और कहा कि मृतकों के परिवारों को PMNRF से 2 लाख रुपये की सहायता मिलेगी और घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। गोवा के CM से बात कर स्थिति की जानकारी ली। गृह मंत्री अमित शाह ने इसे “बहुत दर्दनाक” बताया और कहा कि प्रशासन लगातार राहत और बचाव अभियान चला रहा है।
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