
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने 2022-23 का आम बजट ( General Budget) पेश करने से पहले वी अनंत नागेश्वरन को मुख्य आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया है। सरकार ने कुछ समय पहले ही मुख्य आर्थिक सलाहकार ( Chief Economic Advisor) के लिए आवेदन मंगाए थे। दरअसल मौजूदा मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ( Krishnamurthy Subramanian) के तीन सालों का कार्यकाल खत्म हो चुका है। सुब्रमण्यन ने 8 अक्टूबर को ऐलान किया था कि वह तीन साल के कार्यकाल के खत्म होने बाद विस्तार की मांग नहीं करेंगे और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद में पढ़ाने के लिए वापस जाएंगे।
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य रह चुके हैं नागेश्वरन
दिसंबर 2021 में केवी सुब्रमण्यम का कार्यकाल खत्म होने के बाद से ये पद खाली पड़ा हुआ था। उसके बाद से अब तक इस पद पर किसी की भी नियुक्ति नहीं की गई है। ऐसे में सरकार नए मुख्य आर्थिक सलाहकार की नियुक्त के लिए काम कर रही थी। आज इस पर डॉ. नागेश्वरन ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। डॉ. नागेश्वरन एक लेखक, शिक्षक और सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने भारत और सिंगापुर में कई बिजनेस स्कूलों और प्रबंधन संस्थानों में शिक्षण कार्य किया है। वी. अनंत नागेश्वरन IFMR ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस के डीन और Krea विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के विशिष्ट विजिटिंग प्रोफेसर रह चुके हैं। वह 2019 से 2021 तक भारत के प्रधान मंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के अंशकालिक सदस्य भी रहे हैं। उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद से प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा और विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की डिग्री ली है।
इकॉनमिक सर्वे पेश करने की जिम्मेदारी
वी. अनंत नागेश्वरन की मुख्य आर्थिक सलाहकार पद पर नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब 31 जनवरी 2022 से संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा है। इससे एक दिन इकॉनमिकसर्वे पेश किया जाता है, जिसे तैयार करने की जिम्मेदारी मुख्य आर्थिक सलाहकार की ही होती है।
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