
नई दिल्ली. गांधी परिवार से एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने सभी सुरक्षाकर्मियों को धन्यवाद कहा है। राहुल ने अपने सभी सुरक्षाकर्मियों को धन्यवाद कहते हुए लिखा कि उन सभी भाइयों और बहनों का धन्यवाद, जिन्होंने सालों तक मेरी और मेरे परिवार की सुरक्षा की। आपके समर्पण,निरंतर समर्थन और स्नेह से भरी यात्रा के लिए धन्यवाद। आपके बेहतरीन भविष्य के लिए शुभकामनाएं।
केंद्र सरकार ने गांधी परिवार यानी सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से एसपीजी सुरक्षा वापस लेने का फैसला किया है। हालांकि, तीनों के पास Z+ सुरक्षा बनी रहेगी। इससे पहले केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सुरक्षा में तैनात स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) को हटा दिया था। हालांकि, पूर्व प्रधानमंत्री की जेड प्लस सुरक्षा जारी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि गांधी परिवार की जेड प्लस सुरक्षा बनी रहेगी। एसपीजी हटाने का फैसला विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के रिव्यू के बाद लिया गया। गृह मंत्रालय के अफसरों ने बताया कि गांधी परिवार की जेड प्लस सुरक्षा में सीएपीएफ और सीआरपीएफ तैनात रहेगी।
सिर्फ मोदी के पास एसपीजी सुरक्षा
मनमोहन सिंह की सुरक्षा से एसपीजी को हटाने के बाद देश में सिर्फ चार लोगों के पास यह सुरक्षा कवज था। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी शामिल थे। हालांकि, अब यह सिर्फ पीएम मोदी के पास रह जाएगी।
इंदिरा की मौत के बाद प्रधानमंत्रियों को मिली थी एसपीजी सुरक्षा
इंदिरा गांधी की मौत के बाद 1985 में एसपीजी की शुरुआत की गई। 1998 में संसद में एसपीजी एक्ट पास हुआ। इसके तहत केवल प्रधानमंत्री को एसपीजी सुरक्षा मिली। उस वक्त पूर्व प्रधानमंत्रियों को एक्ट में शामिल नहीं किया गया था। लेकिन जब 1989 में वीपी सिंह सरकार में आए तो उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की एसपीजी सुरक्षा को हटा दिया। राजीव गांधी की मौत के बाद 1991 में एक्ट में बदलाव किया गया। इसके तहत सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवारों को 10 साल तक एसपीजी सुरक्षा मुहैया कराई जाने लगी।
अटल सरकार ने एक्ट में किया बदलाव
अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में सुरक्षा समीक्षा के बाद पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव, एचडी देवगौड़ा, आईके गुजराल की सुरक्षा में तैनात एसपीजी को हटा दिया गया। 2003 में वाजपेयी सरकार ने इस एक्ट में दोबारा बदलाव किए और 10 साल की सीमा को घटाकर एक साल कर दिया। अब प्रधानमंत्रियों को पद से हटने के एक साल बाद तक ही सुरक्षा का प्रावधान किया गया। इस एक साल के बाद सुरक्षा समीक्षा के बाद सरकार इसे फिर बढ़ा सकती है।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.