
Gyanvapi Masjid: बनारस के ज्ञानवापी मस्जिद की एएसआई रिपोर्ट सामने आ गई है। हिंदू पक्ष के वकील विष्णुशंकर जैन ने दावा किया है कि रिपोर्ट में ज्ञानवापी परिसर में हिंदू मंदिर होने का दावा सिद्ध हो गया है। उन्होंने कहा कि ASI ने कहा है कि मौजूदा ढांचे के निर्माण से पहले वहां एक बड़ा हिंदू मंदिर मौजूद था। ASI ने यह निष्कर्ष कोर्ट में पेश साक्ष में किया है।
25 जनवरी को जिला जज की ओर से ज्ञानवापी मस्जिद की ASI सर्वे रिपोर्ट दोनों पक्षों को सौंपी गई है। ASI रिपोर्ट के एक हिस्से में कहा गया है कि वैज्ञानिक अध्ययन/सर्वेक्षण में वास्तुशिल्प अवशेषों, कलाकृतियों शिलालेखों, कला और मूर्तियों का अध्ययन किया गया, यह कहा जा सकता है कि मौजूदा संरचना के निर्माण से पहले वहां एक हिंदू मंदिर मौजूद था।
24 जनवरी को कोर्ट ने दोनों पक्षों को एएसआई रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश पर एएसआई ने रिपोर्ट अदालत को सौंपी थी। हिंदू पक्ष की ओर से पेश होने वाले वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना। इस बात पर सहमति बनी कि ASI की रिपोर्ट की हार्ड कॉपी दोनों पक्षों को दी जाए। ASI ने email से रिपोर्ट देने पर आपत्ति जताई थी। इसके चलते दोनों पक्ष हार्ड कॉपी लेने पर सहमत हुए।
क्या है ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी विवाद?
कुछ महिलाओं ने 5 अगस्त 2021 को वाराणसी कोर्ट में याचिका लगाई थी कि उन्हें ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में स्थित श्रृंगार गौरी मंदिर समेत कई विग्रहों में पूजा करने की अनुमति दी जाए। इस याचिका पर कोर्ट ने सर्वे करने की अनुमति दी थी। सर्वे के बाद हिंदू पक्ष ने दावा किया था कि मस्जिद के तहखाने में शिवलिंग मौजूद है। मुस्लिम पक्ष ने इसे फव्वारा बताया था। वजुखाना से पानी निकाला गया तो उसमें शिवलिंग मिला। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिवलिंग की कॉर्बन डेटिंग और साइंटिफिक सर्वे का आदेश दिया था।
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