हाथरस गैंगरेप : मृतिका की जीभ काटने और रीढ़ की हड्डी तोड़ने की बात गलत, पुलिस ने कहा- नहीं हुआ गैंगरेप

Published : Sep 29, 2020, 05:50 PM ISTUpdated : Sep 29, 2020, 07:48 PM IST
हाथरस गैंगरेप : मृतिका की जीभ काटने और रीढ़ की हड्डी तोड़ने की बात गलत, पुलिस ने कहा- नहीं हुआ गैंगरेप

सार

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में कथित गैंगरेप की शिकार एक दलित लड़की ने मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 14 सितंरबर को उसके साथ गैंगरेप हुआ था। दरिदों ने गैंगरेप के बाद उसकी जीभ तक काट दी। रीढ़ की हड्डी तोड़ दी।

नई दिल्ली/हाथरस. उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में कथित गैंगरेप की शिकार एक दलित (19 साल) लड़की ने मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 14 सितंरबर को उसके साथ गैंगरेप हुआ था। दरिदों ने गैंगरेप के बाद उसकी जीभ तक काट दी। रीढ़ की हड्डी तोड़ दी। तबियत बिगड़ने पर सोमवार को ही दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। हाथरस पुलिस ने जीभ काटने और रीढ़ की हड्डी तोड़ने की बात को गलत बताया।  

आईजी ने कहा, कहा- आरोपी गिरफ्तार, पीड़िता के साथ रेप नहीं हुआ
अलीगढ़ रेंज के आईजी पीयूष मोर्डिया ने कहा है कि पीड़िता के साथ रेप नहीं हुआ है। आईजी ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। आईजी के मुताबिक 14 सितंबर को पीड़िता के भाई ने शिकायत दी थी कि एक शख्स ने उसकी बहन पर हमला किया और जान से मारना चाहता है। आईजी ने कहा कि उस वक्त पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

हाथरस पुलिस के ट्विटर हैंडल से जीभ काटने और रीढ़ की हड्डी तोड़ने को गलत खबर बताया है। हाथरस पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया के माध्यम से असत्य खबर फैलायी जा रही है।

 

हाथरस केस में पीड़िता की मौत को लेकर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने सफदरजंग अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

हाथरस केस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सफदरजंग अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

 

परिवार ने बताई 14 सितंबर की पूरी कहानी
लड़की के परिवार ने बताया, 14 सितंबर की सुबह पीड़िता, उसका बड़ा भाई और मां गांव के जंगल में घास काटने गए थे। घास लेकर बड़ा भाई घर आ गया। मां और बेटी खेत में अकेले रह गए। मां आगे घास काट रही थी बेटी कुछ दूर पर थी। इसी दौरान चार आरोपी आए। उन्होंने पीड़िता के गले में पड़े दुपट्टे से उसे बाजरे के खेत में खींच कर गिरा दिया फिर गैंगरेप किया।

मां बेटी को बुलाती रही, लेकिन कोई आवाज नहीं आई
पीड़िता के भाई ने घटना के बारे में बताया, खेत में जब मां ने बहन को नहीं देखा तो उसे चिल्ला-चिल्ला कर बुलाने लगी। लेकिन कोई आवाज नहीं आई। कुछ दूर पर बहन की चप्पल दिखी। फिर बाजरे के टूटे पौधे दिखे तो खेत के अंदर गई। वहां बहन बेहोश पड़ी थी। बहन की हालत देखकर मां चींखने लगी, जिसे सुनकर पास के कुछ लोग इकट्ठा हो गए। 

पुलिस ने 4 आरोपियों को हिरासत में लिया
हाथरस पुलिस ने संदीप, रामकुमार, लवकुश और रवि नाम के चार आरोपियों को हिरासत में लिया है। 

हाथरस पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं कि पहले सिर्फ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया। एक ही व्यक्ति को अभियुक्त बनाया गया। दस दिनों तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया। बाद में गैंगरेप की धारा जोड़ी गई। हालांकि पुलिस का कहना है कि पीड़िता के परिवार ने जो बताया, उसे के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई। 

पांच दिन बाद बयान लेने पहुंची पुलिस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां 19 सितंबर को पुलिस बयान लेने पहुंची। घटना के 5 दिन बाद। पीड़िता की हालत खराब थी इसलिए बयान दर्ज नहीं करा सकी। फिर 21 और 22 सितंबर को सर्किल ऑफिसर और महिला पुलिसकर्मी पीड़िता का बयान लेने पहुंचे थे।  

पहले जीभ काटी फिर तोड़ दी रीढ़ की हड्डी 
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 21 सितंबर को जब लड़की को होश आया तब मेडिकल परीक्षण में उसके साथ गैंगरेप की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि रेप के बाद मासूम की जीभ काटी गई और रीढ़ की हड्डी तोड़ डाली थी। पुलिस ने गैंगरेप के आरोप में इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी।

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