
नई दिल्ली. अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी मामले में महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट में झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने विशेषाधिकार हनन मामले में अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा सचिव को अवमानना का नोटिस भी जारी किया है। कोर्ट ने पूछा कि महाराष्ट्र विधानसभा सचिव के खिलाफ अदालत की अवमानना का कारण बताओ नोटिस क्यों जारी किया जाना चाहिए।
अर्नब केस का मामला सुप्रीम कोर्ट कैसे पहुंचा?
दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा की ओर से अर्नब गोस्वामी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी हुआ था, जिसके खिलाफ अर्नब सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। इसके बाद अर्नब को महाराष्ट्र विधानसभा के सचिव ने लेटर भेजा।
जमानत याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने टाली सुनवाई
वहीं दूसरी तरफ शुक्रवार को रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी की जमानत याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में भी सुनवाई हुई। हालांकि, कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई शनिवार 12 बजे तक टाल दी है। कोर्ट ने कहा कि जब तक सभी पक्षों को नहीं सुन लेती, तब तक कोई आदेश पारित नहीं करेगी। इससे पहले गुरुवार को भी सुनवाई हुई थी, लेकिन कोर्ट ने शिकायतकर्ता का पक्ष सुनने के लिए कहा था। अर्नब पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा है। अर्नब गोस्वामी को अलीबाग अदालत ने बुधवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इस मामले में बुधवार को अर्नब गोस्वामी ने महाराष्ट्र पुलिस की अवैध गिरफ्तारी को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी। न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एम एस कर्णिक की बेंच ने इस संबंध में गुरुवार की दोपहर 3 बजे सुनवाई शुरू की। कोर्ट ने यह कहकर अर्नब की याचिका को टाल दिया कि जब तक वे शिकायतकर्ता और महाराष्ट्र सरकार को नहीं सुन लेते तब तक अंतरिम आदेश पारित नहीं किया जा सकता है।
जमानत याचिका में क्या लिखा है?
याचिका में कहा गया है कि अर्नब की गिरफ्तारी उनकी स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का हनन है। इसमें कहा गया है कि मुंबई पुलिस के लगभग 20 अधिकारियों द्वारा उनके घर से बाहर निकाला गया। कथित रूप से गाड़ी में घसीटा गया था। इस प्रक्रिया में गोस्वामी के बेटे पर हमला किया गया। याचिका में कहा गया कि यह चौंकाने वाला है कि एक ऐसा मामला जो बंद था, उसे फिर से क्यों खोला गया? पुलिस ने गोस्वामी पर हमला किया।
किस आरोप में अर्नब की गिरफ्तारी हुई?
अर्नब पर एक मां और बेटे को खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप लगा है। मामला 2018 का है। 53 साल के एक इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उसकी मां ने आत्महत्या कर ली थी। मामले की जांच सीआईडी की टीम कर रही है। कथित तौर पर अन्वय नाइक के लिखे सुसाइड नोट में कहा गया था कि आरोपियों (अर्नब और दो अन्य) ने उनके 5.40 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया था, इसलिए उन्हें आत्महत्या का कदम उठाना पड़ा।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.