How India Transformed in 25 Years: 25 सालों में क्या-क्या हुआ? 21वीं सदी के 25 साल-बदल गया जमाना

Published : Jan 01, 2026, 10:05 AM IST
How India Transformed in 25 Years: 25 सालों में क्या-क्या हुआ? 21वीं सदी के 25 साल-बदल गया जमाना

सार

21वीं सदी में भारत ने अभूतपूर्व बदलाव देखे हैं। स्मार्टफोन, UPI व ऑनलाइन शॉपिंग ने जीवन बदला। इसरो की सफलता, नए एक्सप्रेसवे और वैश्विक प्रभाव ने देश को नई पहचान दी, वहीं अयोध्या व 370 जैसे विवाद भी सुलझे।

21वीं सदी की शुरुआत में मोबाइल अमीरी की निशानी हुआ करता था। की-पैड वाला मोबाइल खरीदना, उसे रिचार्ज कराना और कॉल करना सिर्फ पैसे वालों के बस की बात थी। लेकिन अब हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन है।

डूम टीवी का दौर खत्म

एक ज़माना था जब घरों में ब्लैक एंड व्हाइट या रंगीन डूम टीवी का राज था। इन 25 सालों में पतले स्क्रीन वाले टीवी आए। एलसीडी, प्लाज्मा, एलईडी के बाद अब स्मार्ट टीवी आ गए हैं। अब तो फ्री में भी कोई डूम टीवी नहीं लेना चाहता।

हथेली में आ गया बैंक

बैंक खाते में पैसे जमा करने या निकालने के लिए बैंकों के आगे लाइन लगानी पड़ती थी। छुट्टी के दिन तो लाइन और भी लंबी हो जाती थी। लेकिन अब वो परेशानी नहीं है। मोबाइल पर ही सारे बैंकिंग काम हो जाते हैं। यूपीआई आ गया है, जिससे पैसे भेजना और लेना बहुत आसान हो गया है।

ऑनलाइन शॉपिंग का ज़माना

त्योहार पर कपड़े खरीदने हों या घर का राशन, बाज़ार ही जाना पड़ता था। लेकिन अब घर बैठे-बैठे अपनी पसंद की चीज़ें खरीदने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग है। खाना भी घर के दरवाज़े पर आ जाता है। घर से बाहर निकले बिना सब कुछ घर पर मंगवाया जा सकता है।

नरेंद्र मोदी

एक समय था जब देश के ज़्यादातर लोग नरेंद्र मोदी को जानते भी नहीं थे। लेकिन अब देश-विदेश में ऐसा कोई नहीं जो 'मोदी' नाम से वाकिफ न हो। वह दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक बन गए हैं। वे अपने गले मिलने की कूटनीति और ज़बरदस्त भाषणों के लिए मशहूर हैं।

आतंकवाद ने फैलाए पैर

भारत को संसद पर हमला, मुंबई ट्रेन ब्लास्ट, 26/11 का आतंक, पुलवामा में जवानों की शहादत और पहलगाम नरसंहार जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ा। भारत ने पाकिस्तान को सर्जिकल स्ट्राइक, एयरस्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिए करारा जवाब दिया।

आसमान में इसरो की उड़ान

कभी साइकिल पर रॉकेट ले जाने वाले इसरो ने ऐसी कामयाबी हासिल की है कि पूरी दुनिया देखती रह गई। कम खर्च में दो बार चंद्रयान और मंगलयान मिशन पूरे किए। विदेशी सैटेलाइट्स को भी लॉन्च किया। अब इसरो गगनयान की तैयारी कर रहा है।

सोना-चांदी की कीमतों में भारी उछाल

साल 2000 में 10 ग्राम सोने की कीमत 4400 रुपये थी। 8000 रुपये में 1 किलो चांदी मिल जाती थी। अगर आपने तब 10 ग्राम सोना खरीदा होता, तो आज उसकी कीमत 1.36 लाख रुपये होती और 1 किलो चांदी की कीमत 2.40 लाख रुपये हो गई होती!

सेंसेक्स की ज़बरदस्त छलांग

साल 2000 में सेंसेक्स 6000 अंकों के आसपास था। अब यह 85 हज़ार के पार पहुँच गया है। शेयर बाज़ार और म्यूचुअल फंड के बारे में अब ज़्यादातर लोग जानते हैं। निवेश को लेकर पहले से कहीं ज़्यादा जागरूकता आई है।

सड़कों को मिला नया लुक

देश में अच्छी सड़कें न के बराबर थीं। इस सदी में देश के चारों कोनों को जोड़ने वाली स्वर्णिम चतुर्भुज योजना बनी। अब एक्सप्रेसवे का युग है। देश में कहीं भी आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं है।

विमानों की 'उड़ान'

हवाई जहाज़ में सफर करना कुछ ही लोगों तक सीमित था, लेकिन अब वो ज़माना बदल गया है। हवाई चप्पल पहनने वाले भी अब हवाई जहाज़ में बैठ रहे हैं। देश के कोने-कोने में हवाई सेवा मौजूद है। बेंगलुरु एयरपोर्ट, नवी मुंबई समेत कई नए हवाई अड्डे शुरू हुए हैं।

परिवहन में क्रांति

लग्ज़री बसों का चलन बढ़ा है। देशभर में वोल्वो बसों की संख्या बढ़ी है। इलेक्ट्रिक बसें दौड़ रही हैं। इलेक्ट्रिक बाइक और कारों का क्रेज़ बढ़ा है। नई-नई कारें आई हैं। मेट्रो और वंदे भारत जैसी ट्रेनें भी शुरू हो गई हैं।

आईटी और एआई की क्रांति

आईटी कंपनियों ने नई ऊंचाइयों को छूकर अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान दिया। युवाओं को रोज़गार मिला। स्टार्टअप क्रांति से रूम, फूड डिलीवरी, कैब और ऑटो सर्विस आसान हो गई। ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ रहा है। अब तो एआई की क्रांति चल रही है।

दाढ़ी रखने का स्टाइल

पहले शादी के समय लड़के अच्छी तरह शेव कराते थे। अब दाढ़ी रखना ही ट्रेंड बन गया है। शादियों में भी लड़के दाढ़ी के साथ ही दूल्हा बन रहे हैं। फिल्मों में भी हीरो दाढ़ी वाले लुक में नज़र आ रहे हैं।

हर किसी के पास आधार

पहले देश के लोगों के पास राशन कार्ड और वोटर आईडी होता था, लेकिन कोई एक पहचान पत्र नहीं था। इन 25 सालों में आधार नाम का 12 अंकों का यूनिक पहचान पत्र हर किसी को दिया गया। अब आधार के बिना आपका कोई आधार ही नहीं है!

मोबाइल कैमरे का युग

फोटो खिंचवाने के लिए स्टूडियो जाना पड़ता था। अगर अपना कैमरा होता भी था, तो रील का हिसाब लगाकर फोटो खींचनी पड़ती थी। फिर डिजिटल कैमरों ने आकर क्रांति ला दी। अब तो मोबाइल कैमरों ने जादू कर दिया है। हर कोई फोटोग्राफर बन गया है!

फेसबुक, इंस्टाग्राम रील्स

फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप समेत आज हम जितने भी सोशल मीडिया इस्तेमाल कर रहे हैं, वे सब इन्हीं 25 सालों में आए हैं। ई-मेल भी इसी दौर में लोकप्रिय हुए।

दुनिया में भारत का दबदबा

यह वो समय है जिसने दुनिया की भारत के बारे में सोच को ही बदल दिया। भारत अब दुनिया का एक शक्तिशाली देश है। उत्पादन, रक्षा, आईटी, व्यापार, हर क्षेत्र में भारत की उपलब्धि शानदार है। भारत अब नीतियां बनाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

युद्ध का दौर

इन 25 सालों ने अफगानिस्तान, इराक, लीबिया, सीरिया, यूक्रेन, इज़राइल और फिलिस्तीन जैसे भयानक युद्ध देखे हैं।

जनसंख्या में बढ़ोतरी

भारत की जनसंख्या 1.05 अरब थी और यह दुनिया में दूसरे स्थान पर था। अब देश की आबादी 140 करोड़ को पार कर गई है। चीन को पीछे छोड़कर भारत दुनिया में पहले स्थान पर पहुँच गया है।

देश को मिला नया संसद भवन

देश में नया संसद भवन भी बनकर तैयार है।

विवादों पर लगा विराम

जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाला अनुच्छेद 370 खत्म हो गया है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण पूरा हो गया है। इसके लिए दशकों तक चले संघर्ष पर भी विराम लग गया है।

आईपीएल, विश्व कप

आईपीएल टूर्नामेंट चल रहा है। 1983 में विश्व कप जीतने वाले भारत ने 2011 में एक बार फिर विश्व कप जीता। टी20 विश्व कप शुरू हुआ और भारत ने इसे दो बार जीता है। विराट कोहली जैसे खिलाड़ी इन 25 सालों में विश्व क्रिकेट को मिली एक बड़ी देन हैं।

कोविड की महामारी

इंसानियत ने कभी न देखी गई ऐसी महामारी देखी, जिसने पूरे देश को 40 दिनों तक बंद करा दिया और हमारे प्रियजनों को हमसे छीन लिया। लोग अब उस दौर से बाहर आ चुके हैं।

2 महिला राष्ट्रपति

देश में पहले कोई महिला राष्ट्रपति नहीं थीं। इन 25 सालों में दो महिलाओं ने राष्ट्रपति का पद संभाला है। 2007 में प्रतिभा पाटिल इस पद पर पहुँचीं, तो अब द्रौपदी मुर्मू देश की प्रथम नागरिक हैं।

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