
नई दिल्ली. उत्तराखंड के चमोली में रविवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे बड़ा हादसा हुआ। यहां तपोवन में ग्लेशियर टूटकर ऋषिगंगा नदी में गिरा। इससे बाढ़ के हालात पैदा हो गए और धौलीगंगा पर बन रहा बांध बह गया। इस हादसे में सरकारी कंपनी NTPC के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे करीब 150 मजदूरों की जान जाने की आशंका है। हालांकि, 16 लोगों को आईटीबीपी ने निकाल दिया। आईए जानते हैं कैसे ग्लेशियर टूटता है।
स्नो लेपर्ड एडवेंचर के संचालक और पद्म श्री अजीत बजाज ने बताया कि उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से धौलीगंगा नदी में बाढ़ आ गई। धौलीगंगा नदी अलकनंदा की सहायक नदी है। अलकनंदा नदी देवप्रयाग में भागीरथी नदी से मिलती है और गंगा नदी बनाती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना प्राकृतिक आपदा है।
कैसे टूटता है ग्लेशियर?
उन्होंने बताया ग्लेशियर टूटने की घटना बहुत अधिक सर्दी के बाद गर्मी शुरू होने के चलते होता है। सर्दी के चलते नदी का ऊपरी सतह जम जाता है। इस डैम जैसी स्थिति बन जाती है। लेकिन जब ग्लेशियर टूटता है तो बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है। हालांकि, आज की घटना के बाद अब स्थिति उतनी भयानक नहीं है, जितना डर था।
अजीत बजाज के मुताबिक, उत्तराखंड सरकार पहले से तैयार थी। सरकार का डिजास्टर मैनेजमेंट रिस्पॉन्स भी काफी अच्छा है। वे अपना अच्छा करने की कोशिश कर रहे हैं। हमें प्रार्थना करना चाहिए कि इस आपदा में कम से कम जानमाल का नुकसान हो।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.