Hyderabad New Year Party Mystery: हैदराबाद में नए साल की पार्टी के दौरान शराब और खाने के बाद 17 में से कई लोग अचानक बेहोश हुए। 53 साल के पांडु की मौत, 11 अस्पताल में भर्ती। क्या यह फूड पॉइजनिंग थी या नकली शराब का असर? लैब रिपोर्ट से खुलेगा राज।
नए साल की पार्टी अस्पताल में खत्म हुई, पुलिस को शक किस पर?
Hyderabad New Year Party Death Case: नए साल की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब हैदराबाद में न्यू ईयर पार्टी के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई और 11 लोग गंभीर रूप से बीमार होकर अस्पताल पहुंच गए। यह मामला हैदराबाद के कुथबुल्लापुर इलाके के जगदगिरी गुट्टा का है, जहां नए साल की शाम एक सामूहिक पार्टी आयोजित की गई थी। अब सवाल यह है कि क्या यह फूड पॉइज़निंग का मामला है या मिलावटी शराब ने ली जान?
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आखिर नए साल की पार्टी में ऐसा क्या हुआ?
31 दिसंबर की शाम भवानी नगर एसोसिएशन कमेटी हॉल में कुल 17 लोग नए साल का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे। सभी ने पहले शराब पी और फिर वहीं तैयार किया गया खाना खाया। मेन्यू में चिकन बिरयानी, फिश करी और रोटी शामिल थी। पार्टी के दौरान सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन खाना खाने के कुछ ही देर बाद हालात तेजी से बिगड़ने लगे।
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खाना खाते ही क्यों बिगड़ी तबीयत?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खाना खाने के तुरंत बाद सभी को उल्टी, चक्कर, बेचैनी और बेहोशी जैसी शिकायतें होने लगीं। हालत बिगड़ने पर सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इस दौरान पांडु (53 वर्ष) नामक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 9 लोगों को नारायणा मल्ला रेड्डी अस्पताल और 2 लोगों को राम देव अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर लिया। बचा हुआ खाना और शराब जब्त कर लैब जांच के लिए भेज दी गई है। बालानगर के एसीपी नरेश रेड्डी ने बताया कि पुलिस दो एंगल से जांच कर रही है। पहली फूड पॉइज़निंग और दूसरी नकली या मिलावटी शराब का सेवन। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।
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अस्पताल में भर्ती मरीजों की हालत कैसी है?
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, फिलहाल इलाज करा रहे नौ मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल जाकर मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की और बयान दर्ज किए। अगर जांच में मिलावट की पुष्टि होती है, तो यह मामला सिर्फ हादसा नहीं बल्कि गंभीर आपराधिक लापरवाही माना जाएगा।