
हेग (नीदरलैंड). पाकिस्तान के जेल में जासूसी के आरोप में बंद भारतीय कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट (आईसीजे) ने भारत के हक में फैसला सुनाते हुए फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने जाधव को कांस्युलर देने का आदेश भी दिया। कोर्ट के इस फैसले पर पाकिस्तान ने ऐतराज जताया लेकिन आईसीजे ने इसे खारिज कर दिया। अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने पाकिस्तान को मौत की सजा पर समीक्षा करने का आदेश दिया है। नीदरलैंड में द हेग के 'पीस पैलेस' में मामले की सुनवाई की। जहां चीफ जस्टिस अब्दुलकावी अहमद यूसुफ ने फैसला पढ़कर सुनाया। 16 में से 15 जज ने भारत के हक में फैसला दिया। बता दें, पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को 3 मार्च 2016 को गिरफ्तार किया था। 10 अप्रैल को 2017 को पाकिस्तान की मिल्ट्री कोर्ट ने जाधव को फांसी की सजा सुनाई थी। फैसले पर आपत्ति जताई थी और मामले को भारत आईसीजे में ले गया था।
कोर्ट ने क्या कहा
इंटरनेशनल कोर्ट के 16 में से 15 जज भारत के पक्ष में रहे। अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने पाकिस्तान को वियना कन्वेंशन की याद दिलाई और कहा, ''पाक की तरफ से वियन संधि का उल्लंघन किया गया जो बहुत गंभीर बात है। कोर्ट ने पाकिस्तान से पूछा कि क्यों नहीं जाधव को कॉन्स्युलर दिया गया। क्यों नहीं भारतीय नागरिक को गिरफ्तार करने के बाद भारत को इसकी जानकारी दी गई।'' भारत ने कोर्ट से कुलभूषण जाधव को रिहा करने की मांग की थी, हालांकि कोर्ट ने भारत की इस मांग को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा- ''कहीं न कहीं पाक को यह सोचना होगा कि ट्रायल फेयर कैसे हो। नए सिरे से केस को शुरू करे। नए सिरे से जब तक पाकिस्तान पूरी तरह से केस को रीट्रायल नहीं करता, तब तक पूरी तरह से फांसी की सजा पर रोक लगी रहेगी।'' फैसले में महत्वपूर्ण बात यह रही कि जजों के पैनल में मौजूद चीन के जज ने भी भारत का साथ देते हुए हक में फैसला दिया।
सुषमा स्वराज ने फैसले का स्वगत किया
पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इंटरनेशल कोर्ट फैसले पर खुशी जाहिर की। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, ''कुलभूषण जाधव के मसले पर इंटरनेशनल कोर्ट के फैसले का तहे दिल से स्वागत है। यह भारत के लिए बड़ी जीत है''
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