
नेशनल डेस्क: भारत में कोरोना वैक्सीन को लेकर लोगों के मन का खौफ खत्म हो चुका है। सभी इस वैक्सीन को लगवाने के लिए तैयार हैं। तभी तो वैक्सीन ले चुके लोगों का आंकड़ा एक करोड़ पहुंचने वाला है। LocalCircles बीते साल अक्टूबर से ही वैक्सीन लेने वाले लोगों की संख्या पर नजर रख रहा था। उसके सर्वे के मुताबिक, 16 जनवरी 2021 में भारत के 69 प्रतिशत लोगों के मन में कोरोना वैक्सीन को लेकर संदेह था। लेकिन जब इंजेक्शन दिया जाना शुरू किया गया, तब 3 फरवरी तक ये प्रतिशत घटकर 58 प्रतिशत हो गया। इसमें से ज्यादातर लोगों को वैक्सीन से होने वाले साइड इफेक्ट्स का डर था। ना कि उसके असर पर संदेह था। LocalCircles के सर्वे में एक और बात जो सामने आई वो ये कि अगर देश के नेता कोरोना वैक्सीन लें, तो और भी ज्यादा लोग इस वैक्सीन को लेने को तैयार हो जाएंगे।
सेकंड डोज के लिए नहीं आ रहे लोग
कोरोना वैक्सीन दो चरणों में लगाई जा रही है। पहले डोज के पड़ने के एक महीने बाद दूसरा डोज दिया जा रहा है। लेकिन LocalCircles ने सर्वे में पाया कि दूसरे डोज के लिए लोग अस्पताल नहीं आ रहे हैं। इसके पीछे की वजह जानने के लिए संस्थान ने देश के 225 जिलों के 16 हजार लोगों से सवाल-जवाब किया। इसमें कई चौंकाने वाले फैक्ट्स सामने आए।
50 प्रतिशत लोगों को है वैक्सीन पर विश्वास
इस पोल में सबसे पहला सवाल किया गया की जब भारत में 1 करोड़ लोग वैक्सीन ले चुके हैं तो आप इसे लेने के बारे में क्या सोचते हैं? इस सवाल के जवाब में 42 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वो वैक्सीन ले चुके हैं या लेने वाले हैं। साथ ही 21 प्रतिशत लोग अगले 3 महीने इसका वेट करेंगे। 7 प्रतिशत लोग 3 से 6 महीने इंजेक्शन का इफेक्ट देखने के बाद वैक्सीन लेंगे। 9 प्रतिशत लोग 6 से 12 महीने तो 8 प्रतिशत लोग एक साल बाद वैक्सीन लेने की तैयारी में हैं। हालांकि तीन प्रतिशत लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने कहा कि वो कभी वैक्सीन नहीं लेंगे। जबकि 8 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो तब वैक्सीन लेंगे जब इसे प्राइवेट अस्पताल से लगाया जाएगा। इस रिस्पॉन्स से साफ़ हुआ कि वैक्सीन का डर 50 प्रतिशत कम हुआ है।
अभी भी डरे हैं 50 प्रतिशत लोग
भारत में कोरोना के दो इंजेक्शन दिए जा रहे हैं- Covishield और Covaxin. सर्वे में सामने आया कि पचास प्रतिशत लोगों के मन में कोरोना वैक्सीन को लेकर डर बना हुआ है। हालांकि, इनके मन में वैक्सीन की सफलता को लेकर नहीं, बल्कि इसके साइड इफेक्ट का डर है। लेकिन अब जब एक करोड़ लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं और इसमें मात्र 10 हजार माइनर साइड इफेक्ट्स की खबर आई है, तो लोग अब वैक्सीन लेने को तैयार होते नजर आ रहे हैं।
एक महीने में दिखा ऐसा बदलाव
LocalCircles के सर्वे में सामने आया कि जनवरी से फरवरी के बीच करीब 38 से 50 फीसदी लोग वैक्सीन लेने को तैयार हुए। जहां जनवरी में ये आंकड़ा 31 प्रतिशत था वहीं फरवरी में ये अभी तक 42 से 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। ऐसा वैक्सीन लेने वाले लोगों द्वारा कोई साइड इफेक्ट नहीं देखे जाने की वजह से हुआ है। साथ ही अगर नेता इस वैक्सीन को लेते हैं, तो इसके बाद ये आंकड़ा और ऊपर जा सकता है। इस सर्वे में एक बात और जो सामने आई वो ये कि अगर इंजेक्शन प्राइवेट अस्पतालों से लगाई जानी शुरू कर दी जाए, तो वैक्सीन लेने वालों की संख्या और बढ़ेगी। कुछ समय पहले ही हेल्थ मिनिस्टर डॉ हर्षवर्धन ने भी ये इशारा दिया था कि जल्द ये वैक्सीन प्राइवेट क्लिनिक्स में उपलब्ध होगी।
दुनिया में सबसे आगे भारत
कोरोना वैक्सीन लेने के मामले में भारत का रिकॉर्ड दुनिया में सबसे बेहतर है। LocalCircles ने अपने सर्वे में इंजेक्शन लेने वालों का आंकड़ा बढ़ाने के लिए कुछ टिप्स दिए हैं। इसमें बताया गया कि अगर इंजेक्शन लेने वालों पर इसके असर की जानकारी लोगों को मिले, तो इंजेक्शन लेने वालों के आंकड़े में इजाफा होगा। अभी 62 प्रतिशत लोगों को पता ही नहीं है कि वैक्सीन कहां दी जा रही है। यहां तक कि AarogyaSetu App पर भी इसकी कोई जानकारी नहीं है। अगर पब्लिक को पता रहे, तो वैक्सीन लेने वाले और भी ज्यादा संख्या में सामने आएंगे।
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