
नई दिल्ली। 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के प्रत्यर्पण के लिए भारत ने पाकिस्तान से आधिकारिक रूप से कहा है। हाफिज सईद ने 2008 में यह हमला कराया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी सरकार को आधिकारिक निवेदन भेजा है। इसमें कहा गया है कि हाफिज सईद को भारत को सौंपे ताकि उसे कानून के अनुसार सजा दी जा सके।
हाफिज सईद ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना की थी। वह 26/11 मुंबई अटैक का मास्टरमाइंड है। सईद भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट में शामिल है। अमेरिका ने उसके सिर पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा है।
भारत और पाकिस्तान के बीच नहीं है प्रत्यर्पण संधि
भारत ने मुंबई हमलों के मुकदमे का सामना करने के लिए सईद के प्रत्यर्पण की बार-बार मांग की है। भारत और पाकिस्तान के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं है। पाकिस्तान उसे भारत को सौंपने को तैयार नहीं है। हाफिज सईद पाकिस्तान के लिए बड़े एसेट की तरह है। पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई हाफिज सईद और उसके आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का इस्तेमाल भारत के खिलाफ हमले कराने के लिए करती है। जम्मू-कश्मीर समेत भारत के विभिन्न राज्यों में लश्कर-ए-तैयबा ने कई भीषण हमले किए हैं।
2019 में पहली बार गिरफ्तार हुआ था हाफिज सईद
सईद खुद को बेगुनाह बताता है। वह इस बात से भी इनकार करता है कि लश्कर-ए-तैयबा का नेतृत्व कर रहा है। उसे पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। पहली बार जुलाई 2019 में उसे गिरफ्तार किया गया था। पाकिस्तान ने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) को दिखाने के लिए सईद पर कार्रवाई की थी। FATF द्वारा पाकिस्तान की समीक्षा किए जाने से पहले सईद को 11 साल की सजा दी गई थी।
यह स्पष्ट नहीं है कि सईद जेल में है या नहीं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सईद जेल से बाहर है। उसे पिछले एक दशक में कई बार गिरफ्तार किया गया और रिहा किया गया है। पिछले साल भारत ने हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत आतंकवादी घोषित किया था। तल्हा सईद अपने पिता द्वारा बनाई गई राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग के बैनर तले पाकिस्तान में आगामी आम चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है।
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