'अपने गिरेबां में झांके पाकिस्तान..', राम मंदिर पर धर्म ध्वजा को लेकर टिप्पणी पर भारत ने लगाई फटकार

Published : Nov 26, 2025, 08:33 PM ISTUpdated : Nov 26, 2025, 08:48 PM IST
ram mandir dhwajarohan

सार

अयोध्या में राम मंदिर पर पीएम मोदी द्वारा धर्म ध्वजा फहराने पर पाकिस्तान की आलोचना पर भारत ने कड़ा जवाब दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा, पाकिस्तान को अपने अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बंद कर पहले अपना मानवाधिकार रिकॉर्ड सुधारना चाहिए।

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा धर्म ध्वजा फहराए जाने के बाद से ही पाकिस्तान तिलमिलाया हुआ है। पाकिस्तान ने धर्म ध्वजा लगाए जाने को भारत के अल्पसंख्यकों और मुस्लिमों के लिए खतरा बताया है। वहीं, भारत की ओर से पाकिस्तान को तीखा जवाब दिया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने रिपोर्ट की गई टिप्पणियों को देखा है और उन्हें उसी अपमान के साथ खारिज करते हैं, जिसके वे हकदार हैं।

पाकिस्तान को दूसरों को उपदेश देने का हक नहीं

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, एक ऐसे देश के रूप में जिसका अपने अल्पसंख्यकों के साथ कट्टरता, दमन और सिस्टमैटिक दुर्व्यवहार का गहरा दागदार रिकॉर्ड है, वो दूसरों को उपदेश न दे तो ही बेहतर है। दिखावटी उपदेश देने के बजाय, पाकिस्तान के लिए बेहतर होगा कि वह अपने गिरेबां में झांके और अपने खुद के खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड को सुधारने पर फोकस करे।"

राम मंदिर ध्वजारोहण पर क्या बोला था पाकिस्तान?

पाकिस्तान ने राम मंदिर में भगवा झंडा फहराने का विरोध किया था। साथ ही इस कदम को भारत में अल्पसंख्यक समुदायों पर दबाव बढ़ाने और मुस्लिम विरासत को मिटाने की कोशिश बताया था। यह इशारा 16वीं सदी की बाबरी मस्जिद के ढहाए जाने और वहां पर राम मंदिर बनाए जाने की ओर था। पाकिस्तान ने भारत सरकार और उस न्यायपालिका पर भी हमला बोला, जिसने राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ किया। उसने इसे भारत के अल्पसंख्यकों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया बताया। 

500 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने दिया फैसला

बता दें कि अयोध्या की राम जन्मभूमि में बने विवादित बाबरी ढांचे को 6 दिसंबर, 1992 को कारसेवकों ने ढहा दिया था। 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने इस कानूनी विवाद का निपटारा करते हुए राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया था। एक साल बाद, अगस्त 2020 में प्रधानमंत्री ने राम मंदिर की नींव रखी और चार साल बाद 22 जनवरी, 2024 को एक बड़े समारोह में भव्य मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। मंदिर के उद्घाटन के बाद भी पाकिस्तान ने कहा था कि भारत में बढ़ती हिंदुत्व विचारधारा क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा है। 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Read more Articles on

Recommended Stories

मकर संक्रांति: कहीं गर्दन की हड्डी रेती तो कहीं काटी नस, चाइनीज मांझे की बेरहमी से कांप उठेगा कलेजा
Ariha Shah Case: साढ़े 4 साल से Germany में फंसी मासूम, मौसी ने बताया क्या है पूरा मामला