भारत ने NATO प्रमुख की धमकी पर किया पलटवार, विदेश मंत्रालय ने कहा- 'डबल स्टैंडर्ड्स' बर्दाश्त नहीं

Published : Jul 17, 2025, 10:46 PM IST
MEA Spokesperson Randhir Jaiswal (Photo/ANI)

सार

India to NATO on India Russia Oil Trade: भारत ने NATO प्रमुख मार्क रूटे के रूस से व्यापार पर प्रतिबंध की धमकी को सख्ती से खारिज किया है। विदेश मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने दोहरे मापदंडों पर चेतावनी दी है।

India to NATO on India Russia Oil Trade: उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के प्रमुख मार्क रूटे द्वारा भारत, चीन और ब्राज़ील को रूस से व्यापार जारी रखने पर 100 परसेंट टैरिफ लगाने और संभावित 'सेकेंडरी सैंक्शन्स' की धमकी के बाद भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने गुरुवार को स्पष्ट कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतें हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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विदेश मंत्रालय ने NATO की धमकी पर क्या कहा?

MEA के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल (Randhir Jaiswal) ने प्रेस वार्ता में कहा कि हमने इस विषय पर रिपोर्ट्स देखी हैं और developments पर नज़र बनाए हुए हैं। हमारी प्राथमिकता अपनी जनता की energy needs को सुरक्षित करना है। उन्होंने आगे कहा कि इस दिशा में हम मार्केट में उपलब्ध चीजों और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हैं। हम खासतौर पर इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार के 'double standards' से सतर्क रहने की सलाह देंगे।

 

 

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NATO प्रमुख ने भारत, चीन और ब्राजील को धमकी दी

बुधवार को अमेरिकी सीनेटरों से मुलाकात के दौरान मार्क रूटे (Mark Rutte) ने चेतावनी दी थी कि यदि भारत, चीन और ब्राजील रूस से व्यापार जारी रखते हैं तो उन पर सेकेंडरी सैंक्शन्स (Secondary Sanctions) लग सकते हैं। इसके अलावा 100 परसेंट टैरिफ का मार भी सहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर आप बीजिंग या दिल्ली में हैं तो बेहतर होगा कि आप पुतिन को फोन करें और उन्हें शांति वार्ता के लिए कहें, वरना इसका भारी असर आप पर पड़ सकता है।

NATO देश खुद खरीद रहे हैं रूसी ऊर्जा

हालांकि, विरोधाभास ये है कि खुद यूरोपीय संघ (EU) और NATO सदस्य देश रूस से ऊर्जा खरीद में सबसे आगे हैं। Centre for Research on Energy and Clean Air के मुताबिक, EU 2022 से अब तक सबसे बड़ा खरीदार रहा है रूसी पाइपलाइन गैस और LNG का। वहीं, NATO सदस्य तुर्की (Turkey) रूस से सबसे अधिक तेल उत्पाद खरीद रहा है।

 

 

हरदीप पुरी बोले- जरूरत पड़ी तो विकल्प मौजूद हैं

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने भी बयान जारी कर कहा कि हमें कोई चिंता नहीं है। अगर किसी आपूर्ति में दिक्कत आती है तो हमारे पास वैकल्पिक स्रोत (Alternative Sources) हैं। उन्होंने बताया कि भारत अब 40 से ज्यादा देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जो पहले 27 देशों तक सीमित था।

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