
नई दिल्ली (Anish Kumar)। भारतीय नौसेना (Indian Navy) के आठ पूर्व अधिकारियों को कतर ने दो महीने से हिरासत में रखा गया है। उन्हें कतर के सिक्योरिटी बियूरो ने अवैध रूप से पकड़कर रखा है। सरकारी सूत्रों ने एशियानेट न्यूज को बताया कि अधिकारियों को मुक्त कराने के लिए भारत की ओर से कोशिश की जा रही है।
इंडियन नेवी के आठों पूर्व अधिकारी एक दोहा स्थित फर्म के साथ काम कर रहे थे। वे कतरी एमिरी नौसेना के जवानों की कुशलता बढ़ाने में सहयोग दे रहे थे। सूत्र ने कहा कि दोहा स्थित भारतीय दूतावास इस मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है। दूतावास के अधिकारी समझने की कोशिश कर रहे हैं कि किस वजह से भारतीय लोगों को हिरासत में लिया गया है। अभी हमारा मेन फोकस मामले को समझना और हिरासत में लिए गए लोगों को मुक्त कराकर भारत लाना है।
मंगलवार प्रकाश में आया था मामला
डॉ मीतू भार्गव द्वारा मंगलवार को ट्वीट कर कतर में आठ पूर्व अधिकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई थी, जिसके बाद मामला प्रकाश में आया। उन्होंने ट्वीट किया था कि इंडियन नेवी के आठ पूर्व अधिकारियों को अवैध रूप से कतर में हिरासत में रखा गया है। वे 57 दिन से हिरासत में हैं। भारत सरकार से निवेदन है कि वह इस मामले में त्वरित कार्रवाई करे और बंधक बनाकर रखे गए लोगों को भारत वापस लाया जाए।
रिपोर्ट्स के अनुसार ये अधिकारी डहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज के लिए काम कर रहे थे। इस कंपनी का नेतृत्व रॉयल ओमान एयरफोर्स के एक पूर्व अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर खामिस अल अजमी द्वारा किया जाता है। कमांडर पूर्णेंदु तिवारी (सेवानिवृत्त) हिरासत में लिए गए आठ भारतीयों में शामिल हैं। वह डहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज के प्रबंध निदेशक थे। 2019 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने उन्हें प्रवासी भारतीय सम्मान दिया था।
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