
नई दिल्ली. भारतीय सेनाओं को और मजबूत बनाने के लिए मोदी कैबिनेट ने गुरुवार को बड़ा फैसला किया। कैबिनेट ने सशस्त्र बलों के उप प्रमुखों और कमान प्रमुखों को ज्यादा खरीद शक्तियां दी हैं। सके तहत ये अधिकारी को पूंजीगत खरीद के लिए 200 करोड़ रुपए तक की परियोजना को मंजूरी दे सकेंगे। सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए देश में ऐसा पहली बार हुआ है जब वाइस चीफ को इस तरह वित्तीय शक्तियां दी गई हैं।
इस मंजूरी के तहत, सेना में जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, नेवी में फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, एयर कमांड ऑफिसर-इन-चीफ इन सर्विसेज कमांड और क्षेत्रीय भारतीय तटरक्षक के कमांडर को 100 करोड़ रुपए तक की वित्तीय शक्तियां दी गई हैं।
कैबिनेट ने भारतीय सेना के डिप्टी चीफ, मास्टर जनरल सस्टिनेंस, चीफ ऑफ मैटेरियल, एयर ऑफिसर मेंटेनेंस, डिप्टी चीफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ और एडिशनल डायरेक्टर जनरल इंडियन कोस्ट गार्ड को 200 करोड़ रु तक की वित्तीय शक्तियों की भी मंजूरी दी है।
वाइस चीफ पर पहले से ही 500 करोड़ की वित्तीय शक्तियां मौजूद
इससे पहले ही सरकार ने हथियारों और गोला बारूद की खरीद और रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के प्रयास में तीनों सेनाओं के वाइस प्रमुखों को 500 करोड़ रुपए की वित्तीय शक्तियां दी हैं। वहीं, अब कैबिनेट का ये फैसला ऐसे वक्त पर आया, जब लद्दाख में पैंगोंग त्सो झील पर भारत और चीन की सेनाएं पीछे हट रही हैं।
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