
नई दिल्ली: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को 4 बड़े रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने का ऐलान किया, जो महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ के 18 जिलों को कवर करेंगे। इससे मौजूदा भारतीय रेलवे नेटवर्क का लगभग 894 किलोमीटर तक विस्तार होगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया- इन अहम कॉरिडोर को मजबूत करने के लिए कई और प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिससे पूरे देश में यात्रियों और माल ढुलाई दोनों में सुधार होगा।
वैष्णव ने कहा- आज रेलवे के 4 बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। हमारे पास 7 कॉरिडोर हैं जो 41 प्रतिशत रेलवे ट्रैफिक संभालते। ये 7 कॉरिडोर 41 प्रतिशत माल और 41 प्रतिशत यात्रियों को ले जाते हैं। इन कॉरिडोर को मजबूत करने के लिए कई नए प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं। वर्धा-भुसावल एक 2-लाइन सेक्शन है, आज तीसरी और चौथी लाइन शुरू की गई है। यह कॉरिडोर देश के 6 राज्यों को जोड़ता है। यह 9,197 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश के साथ 314 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट में 4 अहम पुल, 72 बड़े पुल और 537 छोटे पुल बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट में कई पुल और सुरंगें बनाई जाएंगी। दूसरा प्रोजेक्ट गोंदिया-डोंगरगढ़ है, जिसमें पहले से ही 3 लाइनें हैं। आज चौथी लाइन को मंजूरी दी गई है। यह छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ेगा। यह 2,223 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश के साथ 84 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट में कई पुल और सुरंगें बनाई जाएंगी। इस प्रोजेक्ट से हर साल लगभग 23 करोड़ किलो कार्बन डाइऑक्साइड की बचत होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने मंगलवार को रेल मंत्रालय के चार बड़े मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी, जिनकी अनुमानित लागत 24,634 करोड़ रुपये है। इन प्रोजेक्ट्स में वर्धा - भुसावल - तीसरी और चौथी लाइन - 314 किलोमीटर (किमी) (महाराष्ट्र); गोंदिया - डोंगरगढ़ - चौथी लाइन - 84 किमी (महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़), वडोदरा - रतलाम - तीसरी और चौथी लाइन - 259 किमी (गुजरात और मध्य प्रदेश); और इटारसी - भोपाल - बीना चौथी लाइन - 237 किमी (मध्य प्रदेश) शामिल हैं। मंजूर किए गए मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट से लगभग 3,633 गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिनकी आबादी लगभग 85.84 लाख है,और दो आकांक्षी जिलों (विदिशा और राजनांदगांव) को भी फायदा होगा।
इन प्रोजेक्ट्स की योजना पीएम-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के अनुसार बनाई गई है। यह प्रोजेक्ट सेक्शन सांची, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, भीमबेटका के रॉक शेल्टर, हजारा फॉल्स और नवेगांव नेशनल पार्क जैसे प्रमुख स्थलों को भी रेल कनेक्टिविटी देता है, जो देश भर के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यह कोयला, कंटेनर, सीमेंट, फ्लाई ऐश, खाद्यान्न, स्टील आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए एक जरूरी मार्ग है। क्षमता बढ़ाने के कामों से 78 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) का अतिरिक्त माल यातायात होगा। रेलवे, परिवहन का एक पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा-कुशल साधन होने के नाते, देश के लिए जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने दोनों में मदद करेगा। इससे तेल आयात (28 करोड़ लीटर) कम होगा और CO2 उत्सर्जन (139 करोड़ किलोग्राम) घटेगा, जो 6 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
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