पीएम मोदी का एक फैसला और प्यासे मरने लगा पाकिस्तान, सैटेलाइट इमेज ने दिखाया सच

Published : Apr 30, 2025, 04:39 PM ISTUpdated : Apr 30, 2025, 05:15 PM IST
Chenab river

सार

पाकिस्तान में चिनाब नदी सूखने की खबरें आ रही हैं। सैटेलाइट तस्वीरें इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि भारत द्वारा सिंधु जल संधि स्थगित करने के बाद पाकिस्तान में पानी की कमी हो रही है।

Indus Waters Treaty: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला किए जाने के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए। उनमें सबसे कठोर फैसला सिंधु जल संधि (IWT) को स्थगित करना था। इसका असर भी दिखने लगा है। चिनाब नदी की सैटेलाइट से ली गई तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की गईं हैं। इसमें IWT स्थगित करने से पहले और बाद की स्थिति दिखाई गई है। बताया गया है कि पाकिस्तान में चिनाब नदी सूख गई है। अगर यह सच तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा IWT स्थगित करने का फैसला लिए जाने के चंद दिनों में ही पाकिस्तान प्यासे मरने की स्थिति में पहुंचता दिख रहा है।

चिनाब सिंधु नदी सिस्टम की उन तीन नदियों में शामिल है, जिसका पानी IWT के अनुसार पाकिस्तान को मिला है। बाकी दो नदियां सिंधु और झेलम हैं। उपग्रह से ली गई तस्वीरों से पता चला है कि चिनाब नदी पाकिस्तान के पंजाब में सियालकोट के आसपास सूख रही है।

 

 

उपग्रह से ली गई दो तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की गई है। एक तस्वीर 26 अप्रैल 2025 की है। इसी दिन भारत ने पाकिस्तान को सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित रखने के अपने फैसले की सूचना दी थी। दूसरी तस्वीर 29 अप्रैल की है। इसमें साफ दिख रहा है कि नदी में पानी बहुत कम है।

सिंधु जल संधि के तहत भारत के अधिकारों में बाधा डालता है सीमापार आतंकवाद

पाकिस्तान को लिखे पत्र में भारत की जल संसाधन सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर को निशाना बनाकर जारी सीमापार आतंकवाद सिंधु जल संधि के तहत भारत के अधिकारों में बाधा डालता है। किसी संधि का सद्भावपूर्वक सम्मान करने का दायित्व संधि के लिए मौलिक है। पाकिस्तान जम्मू और कश्मीर को निशाना बनाकर सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। इसके चलते पैदा हुए सुरक्षा अनिश्चितताओं ने संधि के तहत भारत के अधिकारों के पूर्ण उपयोग में प्रत्यक्ष रूप से बाधा पैदा की है।

भारत ने पाकिस्तान पर अनुच्छेद XII(3) के तहत आवश्यक संशोधनों पर बातचीत करने से इनकार करके संधि का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया। पत्र में कहा गया है, "पाकिस्तान ने संधि के तहत बातचीत करने के भारत के अनुरोध का जवाब देने से इनकार कर दिया है। यह संधि का उल्लंघन है। भारत सरकार ने फैसला किया है कि सिंधु जल संधि 1960 को तत्काल प्रभाव से स्थगित रखा जाएगा।"

1960 से भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी सिंधु जल संधि

बता दें कि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि हुई थी। इसके लिए विश्व बैंक ने मध्यस्थता की थी। इससे भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी के बंटवारे और इस्तेमाल को नियंत्रित किया गया है। सिंधु नदी प्रणाली में मुख्य नदी सिंधु और उसकी सहायक नदियां शामिल हैं।

रावी, ब्यास, सतलुज, झेलम और चिनाब इसकी बायीं तट की सहायक नदियां हैं। काबुल नदी दायीं तट की सहायक नदी है। यह भारतीय क्षेत्र से होकर नहीं बहती है। रावी, ब्यास और सतलुज को सामूहिक रूप से पूर्वी नदियां कहा जाता है। सिंधु, झेलम और चिनाब को पश्चिमी नदियां कहा जाता है। इस नदी प्रणाली का पानी भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। पाकिस्तान फसलों की सिंचाई से लेकर पीने के पानी तक सिंधु नदी पर निर्भर है।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Read more Articles on

Recommended Stories

12 जनवरी से रेल टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव, जानें सिर्फ कौन लोग बुक कर पाएंगे टिकट
काला चश्मा, काली जैकेट, काली ही वॉच...यूथ दिवस पर देखिए PM मोदी का स्वैग