
देहरादून। द्रौपदी मुर्मू के रूप में देश को पहली आदिवासी राष्ट्रपति मिली हैं। उन्होंने सोमवार को संसद भवन के सेंट्रल हॉल में शपथ ग्रहण किया। द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने पर देशभर में खुशी है। विशेष रूप से आदिवासी समाज इससे बहुत अधिक प्रसन्न है। देहरादून स्थित आईटीआईटीआई दून संस्कृति विद्यालय में भी यह खुशी दिखी।
यहां देश भर के जनजाति समाज के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है। बच्चों ने तिरंगा झंडा लहराकर और भारत माता की जय के नारे लगाकर अपनी खुशी का इजहार किया। द्रौपदी मुर्मू का इस विद्यालय से खास नाता है। 2004 में उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के साथ इसका उद्घाटन किया था। गौरतलब है कि अटल बिहारी वाजपेयी ने आदिवासी कल्याण मंत्रालय का सृजन किया था।
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क्लास 6-12 तक होती है पढ़ाई
आईटीआईटीआई का पूरा नाम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट फोर द ट्राइब्स ऑफ इंडिया है। यह अंग्रेजी मीडियम का आवासीय विद्यालय है। इसमें क्लास 6-12 तक की पढ़ाई होती है। यहां ऐसे आदिवासी परिवारों के बच्चों को पढ़ाया जाता है, जिन्हें मदद की सख्त जरूरत है। आईटीआईटीआई में छात्रों को मुफ्त आवास, स्कूली शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी में मुफ्त प्रशिक्षण दी जाती है। इसे मुख्य रूप से आतंकवाद और उग्रवाद प्रभावित पूर्वोत्तर के बच्चों को शिक्षा देने के लिए बनाया गया है।
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