
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता जयवीर शेरगिल (Jaiveer Shergill) ने बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने गांधी परिवार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पार्टी के निर्णय लेने वालों की दृष्टि अब युवाओं की आकांक्षाओं के साथ मेल नहीं खाती।
जयवीर ने इस्तीफा देने के बाद कहा कि पिछले 8 साल में मैंने कांग्रेस से कुछ नहीं लिया। मैंने पार्टी के लिए पूरी लगन के काम किया। आज मुझे लोगों के सामने झुकने के लिए मजबूर किया जा रहा है। शीर्ष नेतृत्व के करीब अपनी मनमानी कर रहे हैं। यह मुझे मंजूर नहीं है।
चाटुकारों की मंडली से प्रभावित है नेतृत्व
जयवीर ने कहा कि मैंने कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने का मुख्य कारण कांग्रेस नेतृत्व द्वारा जनता के हितों को ध्यान में रहते हुए फैसले नहीं लेना है। कांग्रेस नेतृत्व चाटुकारों की मंडली से प्रभावित है। यही मंडली अपने अनुसार फैसले कराती है।
जनता के हित में नहीं हो रहे फैसले
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे त्यागपत्र में शेरगिल ने कहा, "मुझे यह कहते हुए दुख होता है कि निर्णय अब जनता और देश के हित को ध्यान में रखकर नहीं लिए जा रहे हैं। फैसले उन लोगों के स्वार्थी हितों से प्रभावित हैं जो चाटुकारिता में लिप्त हैं। लगातार जमीनी हकीकत की अनदेखी हो रही है।"
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गौरतलब है कि 39 साल के वकील कांग्रेस के सबसे युवा और सबसे प्रमुख प्रवक्ताओं में से थे। वह कुछ समय से पार्टी की मीडिया ब्रीफिंग में नहीं दिखे थे। दो दिग्गजों गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा के अपने गृह राज्यों में पार्टी पदों से इस्तीफा देने के बाद उनका इस्तीफा इस महीने तीसरा है। दोनों नेता "जी -23" या 23 विद्रोहियों के समूह का हिस्सा हैं।
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