
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में एक दशक बाद हो रहे विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-नेशनल कांफ्रेंस गठबंधन सरकार बनाने की ओर हैं। गठबंधन ने बहुमत के लिए 46 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है। केंद्र शासित राज्य में 90 सीटें हैं। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद यह जम्मू-कश्मीर में पहली निर्वाचित सरकार होगी।
एक दशक बाद हुए चुनाव
जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य का दर्जा 2019 में छिन जाने के बाद इसे दो केंद्र शासित राज्यों में विभाजित कर दिया गया था। जम्मू-कश्मीर और बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित राज्य लद्दाख। हालांकि, 2014 के बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव नहीं हुए। 2019 में केंद्र शासित राज्य बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में केंद्र के प्रतिनिधि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ही शासन की कमान संभाल रहे थे। बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने का निर्देश दिया था।
केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में एनसी-कांग्रेस अलायंस का शानदार प्रदर्शन
केंद्र शासित राज्य जम्मू-कश्मीर में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस अलायंस कर चुनाव में थे। पीडीपी, बीजेपी के अलावा कई छोटे दल चुनाव मैदान में थे। बीजेपी तमाम सीटों पर निर्दलीयों को समर्थन दे रही थी। लेकिन चुनाव नतीजे सामने आने के बाद एनसी-कांग्रेस अलायंस का शानदार प्रदर्शन सबको चौका दिया है। चुनाव में पीडीपी को सबसे बड़ा झटका लगा है। वह एक डिजिट में सिमट कर रह गई है।
किसको कितनी सीटें मिलीं या कितने पर बढ़त?
जम्मू-कश्मीर में 90 सीटों पर हो रहे चुनाव में कांग्रेस-नेशनल कांफ्रेंस गठबंधन 49 सीटों पर जीत चुके या बढ़त पर हैं। जबकि बीजेपी 29 सीटें पायी है। पीडीपी 3 तो अन्य 9 सीटों पर जीत हासिल कर रहे हैं।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.