
नई दिल्ली. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल 2019 को मंजूरी दे दी है। भारत सरकार ने राज्य के पुनर्गठन का राजपत्र जारी कर दिया है। अब 31 अक्टूबर 2019 यानि सरदार पटेल की जयंती के दिन जम्मू कश्मीर दो केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख विभाजित हो जाएगा। इससे पहले यह बिल राज्यसभा और लोकसभा में पास हो चुका है।
दिल्ली की तरह होगा जम्मू- कश्मीर
जम्मू-कश्मीर की स्थिती अब केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली की तरह हो जाएगी। जहां राज्य में विधानसभा होगी और चुनाव के बाद मुख्यमंत्री चुना जाएगा। हालांकि गृहमंत्री अमित शाह स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रदेश में हालात सामान्य हो जाने के बाद उसको दोबारा राज्य बनाने पर विचार किया जाएगा। वहीं लद्दाख चंडीगढ़ की तरह बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित राज्य हो जाएगा।
राजपत्र की अधीसूचना में लिखा गया - 'जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019(2019 का 34) की धारा 2 के खंड(क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्रिय सरकार एतदद्वारा एस अधिनियम के प्रयोजनार्थ 31 अक्टूबर 2019 को नियत दिन के रूप में निश्चित करती है।'
इससे पहले भारत सरकार ने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत जम्मू कश्मीर राज्य से विशेष दर्जा हटा लिया था। राज्य से आर्टिकल 370 और आर्टिकल 35a खत्म कर दी थी।
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