संसद में गूंजा डॉक्टर के साथ दरिंदगी का मामला, एक स्वर में बोलीं महिला सांसद, जनता के सामने सजा मिले

Published : Dec 02, 2019, 02:01 PM IST
संसद में गूंजा डॉक्टर के साथ दरिंदगी का मामला, एक स्वर में बोलीं महिला सांसद, जनता के सामने सजा मिले

सार

हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी का मामला सोमवार को संसद में गूंजा। सभी पार्टियों ने एक स्वर में इस कृत्य की निंदा की। महिला सांसदों का भी गुस्सा साफ नजर आया।

नई दिल्ली. हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी का मामला सोमवार को संसद में गूंजा। सभी पार्टियों ने एक स्वर में इस कृत्य की निंदा की। महिला सांसदों का भी गुस्सा साफ नजर आया। सपा सांसद जया बच्चन, भाजपा सांसद रूपा गांगुली ने साफ तौर पर कहा कि दोषियों को जनता के सामने सजा देनी चाहिए। उधर, अपना दल से सांसद अनुप्रिया पटेल ने कहा कि इस बार सिर्फ चर्चा नही बल्कि कड़ा संदेश देने की जरूरत है। 

दोषियों को भीड़ के हवाले करें- जया बच्चन
सपा सासंद जया बच्चन भी हैदराबाद का जिक्र करते हुए सदन में भड़क गईं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं पर कितनी बार सदन में चर्चा हो चुकी है। जया ने कहा, हैदराबाद हुआ, निर्भया हुआ, कठुआ हुआ। इस पर सरकार से पूछा जाना चाहिए और उन्हें सही और सटीक जवाब देना चाहिए। कुछ देशों में जनता दोषियों को सजा देती है। दोषियों को अब जनता ही सबक सिखाए। ऐसे लोगों को जनता में देकर लिंच कर देना चाहिए।

मां कहे कि मेरे बेटे को फांसी पर लटका दो- गांगुली
भाजपा सांसद रूपा गांगुली ने कहा, ''बहुत ही भयावह और दुखद घटना है। जितनी भर्त्सना की जाए वह कम है। सिर्फ कानून बना देने से काम नहीं चलेगा। ऐसे लोगों को चौराहे पर पूरी दुनिया और मीडिया के सामने फांसी पर टांग देना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी आगे आना चाहिए। हर मां कहे कि मेरा बेटा ऐसा काम करे तो उसे फांसी पर लटका दो। 

इस बार कड़ा संदेश देने की जरूरत- अनुप्रिया पटेल 
मिर्जापुर से अपना दल सांसद अनुप्रिया पटेल ने कहा, राज्य सरकार का रवैया ठीक नहीं रहा। पीड़ित परिवार को एफआईआर लिखाने में परेशानियां हुईं। मुख्यमंत्री तीन दिन बाद फास्ट ट्रेक कोर्ट बनाने का फैसला ले पाए।  हम हैदराबाद गैंगरेप की निंदा करते हैं। बार-बार ऐसी घटनाएं होती हैं और सदन इस पर चर्चा करता है। देश की आधी आबादी सुरक्षित नहीं है। अबकी बार हमें अब चुप नहीं रहना है। इस बार इतना कड़ा संदेश देते हुए उदाहरण पेश करना है। 

31 दिसंबर तक दोषियों को फांसी मिले- विजिला सत्यानंद  
AIADMK सांसद विजिला सत्यानंद हैदराबाद का जिक्र करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने चर्चा के दौरान सदन में कहा, बेटियों के लिए भारत सुरक्षित नहीं रहा। इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाकर 31दिसंबर से पहले चारों दोषियों को फांसी दे देनी चाहिए। 

'हम कठोर कानून बनाने के लिए तैयार- राजनाथ सिंह'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, इस घटना से पूरा देश शर्मसार हुआ है। इससे हर कोई आहत हुआ है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए जिस भी तरह का कानून बनाने के लिए सदन सहमत हो, हम बनाने के लिए तैयार हैं। मेरे पास शब्द नहीं है कि कैसे मैं इस घटना (हैदराबाद बर्बरता) की निंदा करूं। मैं फैसला आप पर (लोकसभा अध्यक्ष पर) छोड़ता हूं, जिस कानून को बनाने की सहमति बनेगी सरकार उसे बनाने के लिए तैयार हैं। निर्भया कांड के बाद कठोर कानून बना। उसके बाद लगा कि इस तरह की घटनाओं में कमी आएगी। हम इस प्रकार की घटना के लिए कोई भी जिम्मेदार होगा, उसे सजा के लिए जो भी प्रावधान करने पड़ेंगे हम करने के लिए तैयार हैं। इस पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। इस पर जिस तरह का कठोर कानून बनाने की जरूरत पड़ेगी हम तैयार हैं। 

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