
मुंबई. कंगना रनोट के खिलाफ BMC के ऐक्शन से मुंबई में सियासी हलचल बढ़ गई है। महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, NCP प्रमुख शरद पवार और शिवसेना के सांसद संजय राउत की मुलाकात हुई। तीनों नेताओं की मुलाकात सीएम आवास पर ही हुई। ये बैठक एक घंटे से ज्यादा समय तक चली है। इससे पहले बीएमसी के कमिश्नर सीएम उद्धव ठाकरे से मुलाकात करने उनके घर पहुंचे थे।
मुलाकात में हुई मराठा आरक्षण पर चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि उद्वव ठाकरे और शरद पवार की मुलाकात में मराठा आरक्षण पर चर्चा हुई। इसके साथ ही कंगना के दफ्तर पर हुई कार्रवाई को लेकर बैठक में चर्चा की गई। बैठक में कहा गया कि कार्रवाई BMC की ओर से की गई है। इसमें राज्य सरकार का हस्तक्षेप नहीं है और ये राज्य का मामला भी नहीं है। ऐसे में इस मामले को ज्यादा महत्व नहीं देना है।
कंगना रनोट को निशाने पर लेकर घिरी शिवसेना
बता दें कि कंगना रनोट को निशाने पर लेकर शिवसेना घिर गई है। गठबंधन में ही उसे सहयोग नहीं मिल रहा है। NCP प्रमुख शरद पवार ने BMC की कार्रवाई को गैर जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि बीएमसी की कार्रवाई ने अनावश्यक रूप से कंगना को बोलने का मौका दे दिया है। मुंबई में कई अन्य अवैध निर्माण हैं। यह देखने की जरूरत है कि अधिकारियों ने यह निर्णय क्यों लिया?
कांग्रेस ने भी पीछे खींचा हाथ
शिवसेना को इस मुद्दे पर कांग्रेस का भी साथ नहीं मिल रहा है। महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेता संजय निरूपम ने ट्वीट किया कि 'कंगना का ऑफिस अवैध था या उसे डिमॉलिश करने का तरीका? क्योंकि हाईकोर्ट ने कार्रवाई को गलत माना और तत्काल रोक लगा दिया। पूरा ऐक्शन प्रतिशोध से ओत-प्रोत था, लेकिन बदले की राजनीति की उम्र बहुत छोटी होती है। कहीं एक ऑफिस के चक्कर में शिवसेना का डिमॉलिशन न शुरू हो जाए।'
संजय राउत का ऐसा था रिएक्शन
वहीं, कंगना रनोट के साथ जारी विवाद के बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने बयान दिया है। बीएमसी द्वारा लिए गए ऐक्शन पर संजय राउत ने कहा कि वो सरकार का ऐक्शन है, उसमें उनका कोई लेना देना नहीं है। कंगना द्वारा शिवसेना को बाबर की सेना कहने पर संजय राउत ने कहा कि बाबरी तोड़ने वाले ही हम लोग हैं, तो हमें क्या कह रहे हैं?'
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